गोवा में अपने घर पर बेहोश पाए गए थे नाना पाटेकर... आखिरी बार 4 दिन पहले एक इवेंट में सार्वजनिक रूप से दिखे थ
punjabkesari.in Thursday, Oct 08, 2026 - 08:39 AM (IST)
नई दिल्ली: बॉलीवुड के मशहूर एक्टर नाना पाटेकर का गुरुवार को गोवा के एक अस्पताल में कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) से निधन हो गया। एक्टर एक इवेंट के सिलसिले में गोवा में थे, जहां 4 अक्टूबर को डोना पाउला में वे आखिरी बार सार्वजनिक रूप से देखे गए थे। न्यूज़ एजेंसी PTI की एक पोस्ट में नाना पाटेकर को गोवा में 'सम्राट क्लब इंटरनेशनल' के इंस्टॉलेशन समारोह को संबोधित करते हुए देखा गया। इस कार्यक्रम में उन्होंने सफ़ेद कुर्ता और सफ़ेद स्कार्फ़ (गमछा) पहना हुआ था।
VIDEO | Goa: Actor Nana Patekar attended and addressed the Samraat Club International installation ceremony in Dona Paula. (Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) https://t.co/jl8xn9vXOk
— Press Trust of India (@PTI_News) October 4, 2026
खबरों के मुताबिक, नाना पाटेकर अपने घर पर बेहोश पाए गए थे और उन्हें इलाज के लिए डोना पाउला के मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इलाज पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने अभिनेता की मौत की पुष्टि की और कहा कि एक मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया है। उनका पोस्टमार्टम भी किया जाएगा।
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा के बीच आसानी से काम किया। उन्हें कभी भी किसी बड़े परिचय की ज़रूरत नहीं पड़ी। उनकी आवाज़, हाव-भाव और संवाद की कुछ लाइनों में भी एक खास तरह की तीव्रता लाने की क्षमता ने उन्हें कई पीढ़ियों के दर्शकों के बीच तुरंत पहचान दिलाई।
महाराष्ट्र के रायगढ़ ज़िले के मुरुड-जंजीरा में विश्वनाथ पाटेकर के रूप में जन्मे नाना पाटेकर केवल गंभीर नाटकों या दमदार किरदारों तक ही सीमित नहीं थे। वे कमर्शियल सिनेमा और कॉमेडी, दोनों में ही बहुत असरदार थे। 'वेलकम' फ़िल्म में उदय शेट्टी के किरदार ने उन्हें दर्शकों की एक नई पीढ़ी से परिचित कराया और यह किरदार उनके बाद के करियर के सबसे यादगार कॉमिक किरदारों में से एक बन गया।
नाना पाटेकर को कई बड़े सम्मान मिले
सालों तक सिनेमा में अपने योगदान के लिए नाना पाटेकर को कई बड़े सम्मान मिले। उन्हें तीन नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड और चार फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड मिले, साथ ही महाराष्ट्र स्टेट फ़िल्म अवॉर्ड और अन्य सम्मान भी प्राप्त हुए। 2013 में, उन्हें सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
उनके जाने के बाद उनका काम एक ऐसी विरासत के तौर पर बचा है जो कई पीढ़ियों और जॉनर में फैला हुआ है। 'परिंदा' और 'क्रांतिवीर' से लेकर 'अब तक छप्पन' और 'वेलकम' तक, नाना पाटेकर ने ऐसे किरदार निभाए जिन्हें दर्शक फ़िल्म खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक याद रखते हैं। भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे अभिनेता को खो दिया है जिनकी जगह कोई और नहीं ले सकता।
