रिश्तों की नई उड़ान: मोदी ने जापानी PM ताकाइची का गर्मजोशी से किया स्वागत, कहा-''आप मेरी छोटी बहन जैसी''
punjabkesari.in Thursday, Jul 02, 2026 - 03:01 PM (IST)
International Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने गुरुवार को भारत दौरे पर आई जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची (Sanae Takaichi) का स्वागत करते हुए उन्हें अपनी "छोटी बहन" जैसा बताया। उन्होंने कहा कि जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री का भारत में स्वागत करना उनके लिए खुशी की बात है।मोदी ने कहा कि भारत और जापान के बीच भरोसे और दोस्ती का रिश्ता लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि आज के वैश्विक अस्थिर माहौल में दोनों देशों का आपसी विश्वास उनकी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है।
#WATCH | Delhi: During press statement with Japanese PM Sanae Takaichi, Prime Minister Narendra Modi says, "It gives me great pleasure to welcome Prime Minister Sanae Takaichi to India on her first visit for the India-Japan Annual Summit. She is Japan's first female Prime… pic.twitter.com/eUxVkPmncu
— Economic Times (@EconomicTimes) July 2, 2026
दोनों नेताओं के बीच हैदराबाद हाउस में हुई बैठक में निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, हाई-टेक तकनीक, सप्लाई चेन, स्वच्छ ऊर्जा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों देशों ने कई नई पहलों पर साथ मिलकर आगे बढ़ने पर सहमति जताई। बैठक में भारत और जापान के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। दोनों देश भविष्य में अमेरिकी डॉलर की बजाय भारतीय रुपया और जापानी येन में सीधे व्यापार की व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे लेनदेन तेज, सस्ता और आसान होने की उम्मीद है।
मोदी ने कहा कि ऑटोमोबाइल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं तक जापान ने भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ताकाइची की यह यात्रा भारत-जापान की स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप को नई ऊंचाई देगी।जापान की प्रधानमंत्री बनने के बाद यह साने ताकाइची की पहली भारत यात्रा है। तीन दिवसीय दौरे के दौरान उन्हें राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और उन्होंने 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लिया।भारत और जापान के आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। जापान भारत में सबसे बड़े निवेशकों में शामिल है और दोनों देश अगले दस वर्षों में सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, हाई-टेक उद्योग, महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन और बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश की दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं।
