''हाथ नहीं जोड़ेंगे बच्चे, हमारी आबादी 75 फीसदी'': मुस्लिम कट्टरपंथियों ने स्कूलों में बंद करवा दी प्रार्थना

punjabkesari.in Tuesday, Jul 05, 2022 - 03:44 PM (IST)

नेशनल डेस्क: झारखंड के शिक्षण संस्थानों में धर्म के नाम पर प्रार्थना को जबरन बदले जाने का मामला सामने आया है। गढ़वा में स्थित मध्य विद्यालय, कोरवाडीह का यह मामला बताया जा रहा है। जहां ग्रामीणों ने मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक योगेश राम पर दबाव बनाते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर मुस्लिम आबादी 75 प्रतिशत है, ऐसे में नियम भी हमारे अनुसार बनाने होंगे। स्कूलों में अब प्रार्थना हमारे हिसाब से होगी। मुस्लिम समाज के लोगों ने  प्रधानाध्यापक पर स्कूल में बरसों से हो रही प्रार्थना को बदलने के लिए विवश कर दिया।

तू ही राम, तू ही रहीम प्रार्थना हुई शुरू
एक रिपोर्ट के मुताबिक, गांव वालों के दबाव की वजह से स्कूल में 'अब दया कर दान' प्रार्थना की जगह तू ही राम, तू ही रहीम प्रार्थना शुरू हो गई। इतना ही नहीं बच्चों को हाथ जोड़ प्रार्थना करने से भी मना किया गया। मुस्लिम समाज की जिद के आगे विवश प्रधानाध्यापक अब यहां बदले रुप में प्रार्थना करवां रहे हैं। उन्होंने इसकी जानकारी कोरवाडीह पंचायत के मुखिया और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दी है। प्रधानाध्यापक ने कहा कि पिछले चार महीने से मुस्लिम समाज के लोगों ने स्कूल में जबरन प्रार्थना का बदलाव किया है। यहीं नहीं कई बार मुस्लिम समुदाय के लोग यहां आकर इस मुद्दे पर हंगामा भी कर चके हैं। 

जानें क्या बोले पंचायत के मुखिया और शिक्षा विभाग के अधिकारी  
गढ़वा के प्रभारी जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार मयंक भूषण का कहना है कि हमें विद्यालय में प्रार्थना सभा को अपने हिसाब से कराने को लेकर स्कूल के शिक्षकों को मजबूर किये जाने की सूचना मिली है। इसकी जांच करायी जाएगी। किसी को भी सरकार आदेश की अवहेलना करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वहीं, कोरवाडीह पंचायत के मुखिया शरीफ अंसारी ने बताया कि उन्हें भी स्कूल के प्रधानाध्यापक से इस तरह के विवाद की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि, वे विद्यालय प्रबंधन समिति और ग्रामीणों को बैठक कर इसका समाधान निकाल लेंगे और हर हाल में गंगा जमुना तहजीब को बरकरार रखा जाएगा।

शिक्षा मंत्री ने दिए कार्रवाई के आदेश 
इस मसले पर राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने गढ़वा के उपायुक्त से फोन पर बात कर कार्रवाई के आदेश दिये हैं। उनका साफ कहना है कि सरकारी स्कूलों मे ऐसी हरकतों को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। स्कूल सरकारी विभाग की गाइडलाइन के मुताबिक ही चलेंगे। मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि कोई गांव अगर मुस्लिम बहुल हो या कोई अन्य धर्म बहुल, धर्म के नाम पर किसी भी स्कूल में प्रार्थना की अनुमति नहीं दी जा सकती है। 


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Content Editor

rajesh kumar

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