21 भारतीयों वाले जहाज पर ईरानी हमले का देखें VIDEO, होर्मुज में IRGC की ताबड़तोड़ फायरिंग से क्रू ने ऐसे बचाई जान
punjabkesari.in Saturday, Aug 22, 2026 - 12:19 PM (IST)
Tehran: होर्मुज की खाड़ी एक बार फिर दुनिया के सामने खतरनाक तस्वीर लेकर आई है। एक पुराने वीडियो में उस पल की झलक सामने आई है, जब 21 भारतीय क्रू सदस्यों वाले एक कंटेनर जहाज को ईरानी नावों ने घेर लिया था और उस पर फायरिंग की गई थी। तनाव इतना बढ़ गया कि जहाज पर मौजूद नाविकों को अपनी जान बचाने के लिए अंदर छिपना पड़ा। हालांकि सभी 21 भारतीय नाविक सुरक्षित रहे। सामने आया वीडियो 22 अप्रैल की घटना का बताया जा रहा है। यह घटना उस समय हुई जब हॉरमुज जलडमरूमध्य में तनाव तेजी से बढ़ रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, पनामा के झंडे वाला एक कंटेनर जहाज ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC से जुड़ी बताई जा रही नावों के घेरे में आ गया।
On 22 April, in the Strait of Hormuz, a vessel carrying 22 crew members, of whom 21 were Indian, faced a deeply distressing situation.
— FSUI (@FSUIINDIA) August 20, 2026
These were not pirates.
They were naval forces of the IRGC.
Videos show several small boats surrounding the vessel, the intensity of the… pic.twitter.com/5UgxtZETSd
वीडियो में समुद्र में जहाज के आसपास कई नावें दिखाई देती हैं। स्थिति बिगड़ने के बाद जहाज की ओर गोलीबारी की गई। फुटेज में कथित तौर पर रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड दागे जाने की भी झलक दिखाई देती है। इस जहाज पर कुल 21 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। भारतीय शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, सभी भारतीय नाविक सुरक्षित रहे और किसी को चोट नहीं आई। यह घटना इसलिए बेहद गंभीर है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर दुनिया के तेल और LNG कारोबार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। यहां किसी भी सैन्य टकराव का सीधा असर वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। भारतीय नाविकों का संगठन फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने यह पुराना वीडियो जारी किया है।
इसका उद्देश्य संघर्ष वाले क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों के सामने मौजूद जोखिम को उजागर करना है।रिपोर्ट के अनुसार, हॉरमुज और उसके आसपास व्यापारी जहाजों पर हुए हमलों में कई नाविकों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र की जून में जारी रिपोर्ट में कहा गया था कि युद्ध शुरू होने के बाद हॉरमुज और आसपास के इलाकों में व्यापारी जहाजों पर हमलों में कम से कम 15 नाविकों की मौत हुई थी, जिनमें कई भारतीय थे। भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत पहले ही ईरान के सामने कड़ा विरोध दर्ज करा चुका है।
एक भारतीय नाविक की मौत के मामले में भारत ने ईरान के उप राजदूत को तलब कर अपनी आपत्ति जताई थी। इसके बाद भारतीय समुद्री प्रशासन ने भी शिपिंग कंपनियों और संबंधित एजेंसियों को संघर्ष प्रभावित क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने का निर्देश दिया। भारत के समुद्री प्रशासन ने फारस की खाड़ी, हॉरमुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री इलाकों में सुरक्षा स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा है। जहाजों के कप्तानों को नेविगेशन संबंधी चेतावनियों की लगातार निगरानी करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
