पिता बनते ही बदलता है पुरुषों का दिमाग और व्यवहार, रिसर्च में बड़ा खुलासा
punjabkesari.in Monday, Apr 20, 2026 - 03:10 PM (IST)
नेशनल डेस्क: समाज में लंबे समय से यह धारणा रही है कि मां बनते ही महिला अपने बच्चे के प्रति अत्यधिक संवेदनशील और समर्पित हो जाती है। यह सच भी है कि मातृत्व के साथ भावनात्मक जुड़ाव गहरा होता है, लेकिन अब बदलते समय और वैज्ञानिक शोध यह संकेत दे रहे हैं कि संवेदनशीलता केवल मातृत्व तक सीमित नहीं है। पितृत्व भी पुरुषों के व्यवहार, भावनाओं और सोच में गहरा बदलाव लाता है। नए वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चला है कि पिता बनने के साथ पुरुषों के शरीर और दिमाग में भी गहरे बदलाव होते हैं, जो उन्हें अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार बनाते हैं।
हार्मोन में बदलाव से बढ़ती है संवेदनशीलता
गर्भावस्था के दौरान ही पुरुषों में जैविक परिवर्तन शुरू हो जाते हैं। उनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर घटता है, जबकि ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन बढ़ते हैं, जो देखभाल और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत बनाते हैं। यही बदलाव उन्हें बच्चे के प्रति ज्यादा सजग और जिम्मेदार बनाते हैं।
सक्रिय पितृत्व से बढ़ता असर
शोध बताते हैं कि जो पुरुष बच्चों की देखभाल में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, उनमें ये बदलाव और अधिक स्पष्ट होते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि पुरुषों में भी बच्चों की परवरिश की प्राकृतिक क्षमता होती है, जो सही माहौल मिलने पर सक्रिय हो जाती है।
रिसर्च में क्या सामने आया
अमेरिका के University of Notre Dame के शोधकर्ताओं ने फिलीपींस में युवाओं पर किए गए अध्ययन में पाया कि जो पुरुष पिता बने, उनके हार्मोन स्तर में उल्लेखनीय बदलाव आया। इससे यह संकेत मिलता है कि पितृत्व पुरुषों के व्यवहार और भावनाओं को गहराई से प्रभावित करता है।
दिमाग में भी होते हैं बदलाव
वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि पिता बनने के बाद पुरुषों के मस्तिष्क की संरचना में बदलाव आता है। ये परिवर्तन उन्हें नई जिम्मेदारियों और भावनात्मक जुड़ाव के लिए तैयार करते हैं। विशेषज्ञ इसे जीवन के एक नए चरण से जोड़ते हैं, जो किसी हद तक किशोरावस्था जैसा होता है।
विकास से जुड़ी है यह क्षमता
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल सामाजिक बदलाव नहीं, बल्कि मानव विकास का हिस्सा है। पुरुषों में भी देखभाल करने की क्षमता पहले से मौजूद होती है, जो पिता बनने पर सक्रिय हो जाती है।
