छत्तीसगढ़: अब बातें तोड़-मरोड़कर फैलाना पड़ेगा भारी! बालोद के गांव ने चुगलखोरों पर लगाया 5000 का दंड
punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 09:06 PM (IST)
नेशनल डेस्क: छत्तीसगढ़ के बालोद जिला के छोटे से गांव मेढ़की में सामाजिक एकता बनाए रखने के लिए ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से एक अहम निर्णय लिया है। हाल के समय में छोटी-छोटी बातों को बढ़ाकर पेश करने और अफवाहें फैलाने से गांव का माहौल बिगड़ रहा था। मामूली कहासुनी भी बड़े विवाद में बदलने लगी थी, जिससे रिश्तों में खटास आ रही थी।
इसी पृष्ठभूमि में गुरुवार सुबह ग्रामवासियों की एक बैठक आयोजित की गई। चर्चा के बाद सर्वसम्मति से तय हुआ कि यदि कोई व्यक्ति किसी की बात को तोड़-मरोड़कर फैलाता है या जानबूझकर लोगों के बीच तनाव पैदा करता है, तो उस पर 5,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि गांव में आयोजित किसी भी सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम में यदि कोई व्यक्ति नशे की हालत में पहुंचकर विवाद करता है या अपमानजनक व्यवहार करता है, तो उस पर भी समान जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि नशे के कारण कई बार पुरानी रंजिशें उभर आती हैं और माहौल बिगड़ जाता है।
गांव के निवासी धनराज साहू ने बताया कि यह फैसला किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की भलाई के लिए लिया गया है। उनका कहना है कि उद्देश्य चुगली और भड़काव की प्रवृत्ति को रोकना है, ताकि लोग जिम्मेदारी से बात करें और आपसी विश्वास मजबूत हो।
गांव के बुजुर्गों का भी मानना है कि पहले आपसी संवाद और भरोसा ज्यादा मजबूत था, लेकिन अब अफवाहों और सोशल मीडिया के असर से गलतफहमियां तेजी से फैलती हैं। नए नियम से उम्मीद की जा रही है कि गांव में शांति और सद्भाव का वातावरण फिर से स्थापित होगा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की प्रक्रिया पारदर्शी और सामूहिक सहमति से लागू की जाएगी। इससे पहले भी गांव में शराब की बिक्री पर नियंत्रण के लिए सख्ती बरती जा चुकी है। अब यह नया कदम सामाजिक सुधार और भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में एक और पहल माना जा रहा है।
