PoK में चुनाव पर विदेश मंत्रालय की दो टूक, ‘खोखली चुनाव कवायद और मानवाधिकार का घोर उल्लंघन किया जा रहा है’
punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 05:02 PM (IST)
नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हो रहे तथाकथित विधानसभा चुनावों पर तीखा रुख अपनाया है। उन्होंने इन्हें “ढोंग” और “खोखली चुनावी कवायद” करार दिया। प्रवक्ता ने कहा कि इलाके में पाकिस्तानी सेना के कब्जे और कार्रवाई के कारण 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। पीओके को भारत का अभिन्न अंग है।
तथाकथित चुनाव की प्रक्रिया
पीओके की तथाकथित विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें से कुछ सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं, जबकि कुछ आरक्षित होती हैं। चुने हुए सदस्य प्रधानमंत्री चुनते हैं, जो स्थानीय सरकार बनाते हैं। ये चुनाव 27 जुलाई 2026 को एक दिन में होने थे, लेकिन सुरक्षा हालात के कारण तीन चरणों में हो रहे हैं।
पहला चरण: 27 जुलाई
दूसरा चरण: 2 अगस्त
तीसरा चरण: 10 अगस्त
Bi-Weekly Media Briefing by the Official Spokesperson (August 04, 2026)
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 4, 2026
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प्रदर्शनों का कारण
प्रदर्शनों का नेतृत्व जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) कर रही है। यह समूह व्यापारियों, कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज संगठनों का गठबंधन है। आंदोलन शुरू में आर्थिक मुद्दों से जुड़ा था, लेकिन अब चुनावी सुधार, अधिक स्वायत्तता और राजनीतिक अधिकारों पर केंद्रित हो गया है। प्रदर्शन जून 2026 से चल रहे हैं। JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगाने के बाद हिंसा बढ़ी। सुरक्षा बलों की फायरिंग में मौतों का आंकड़ा बढ़ता गया। इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद रहीं।
विदेश मंत्रालय का रुख स्पष्ट है कि पाकिस्तानी कब्जे वाले इलाके में हो रही यह कवायद न तो निष्पक्ष है और न ही वैध। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान पीओके में मानवाधिकार उल्लंघनों और स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं की ओर आकर्षित करता रहा है।
