'Masterchef India' सीजन-1 की विजेता और जानी-मानी सेलिब्रिटी शेफ को हुआ Breast Cancer, चिंता में डूबे फैंस

punjabkesari.in Monday, Jun 01, 2026 - 09:13 AM (IST)

Chef Pankaj Bhadouria Breast Cancer: 'मास्टरशेफ इंडिया' सीजन-1 की विजेता और देश की जानी-मानी सेलिब्रिटी शेफ पंकज भदौरिया (Pankaj Bhadouria) को लेकर एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आई है। शेफ पंकज ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर खुलासा किया है कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) का पता चला है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही उनके लाखों फैंस और शुभचिंतक चिंता में हैं। 

पंकज भदौरिया ने अपने पोस्ट के जरिए लोगों से इस मुश्किल घड़ी में अपनी सेहत के लिए सपोर्ट और प्रार्थना करने की अपील की है। इस दुखद खबर ने एक बार फिर महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर को लेकर जागरूकता की बहस को तेज कर दिया है। 

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वहीं डॉक्टरों के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर दुनिया भर में महिलाओं को होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है। वैसे तो यह किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन 50 साल की उम्र पार करने के बाद महिलाओं में इसका जोखिम काफी हद तक बढ़ जाता है।

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जानें क्या होता है ब्रेस्ट कैंसर?

ब्रेस्ट कैंसर एक ऐसी चिकित्सीय स्थिति है जिसमें स्तन की कुछ कोशिकाएं (Cells) अनियंत्रित और असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं। धीरे-धीरे ये खराब कोशिकाएं आपस में मिलकर एक सख्त गांठ या ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। यदि सही समय पर इसकी पहचान और इलाज न किया जाए तो ये कैंसर कोशिकाएं खून के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकती हैं।

50 के बाद ज्यादा खतरा क्यों?

कैंसर विशेषज्ञों (Oncologists) के मुताबिक उम्र बढ़ने के साथ शरीर में होने वाले हार्मोनल और जैविक बदलाव इसके मुख्य कारण हैं। 50 की उम्र के आसपास महिलाओं में मेनोपॉज की स्थिति आती है जिससे शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संतुलन बदल जाता है। यह बदलाव स्तन के टिशू को प्रभावित कर कैंसर कोशिकाओं को पनपने का मौका दे सकता है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की कोशिकाओं के डीएनए (DNA) में कमियां जमा होने लगती हैं। युवावस्था में शरीर इन्हें खुद ठीक कर लेता है लेकिन बढ़ती उम्र में यह क्षमता कमजोर हो जाती है जिससे कैंसर का खतरा बढ़ता है। मेनोपॉज के बाद महिलाओं का वजन अक्सर तेजी से बढ़ता है। शरीर में मौजूद अतिरिक्त फैट (चर्बी) एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर को बढ़ा देती है जो कैंसर कोशिकाओं के विकास के लिए मददगार साबित होता है।

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डॉक्टरों के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों में आने वाली महिलाओं को अपनी नियमित जांच (Mammography) जरूर करानी चाहिए:

जिनके परिवार में पहले किसी को ब्रेस्ट या डिम्बग्रंथि (Ovarian) कैंसर रहा हो (Genetics)।

जिनका वजन सामान्य से बहुत ज्यादा या जो मोटापे से ग्रस्त हों।

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शारीरिक सक्रियता (Workouts) की कमी और गतिहीन जीवनशैली।

जिनका मेनोपॉज सामान्य उम्र से काफी देर से हुआ हो।

अस्वस्थ खान-पान, धूम्रपान (Smoking) या शराब का सेवन करने वाली महिलाएं।

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इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज

शुरुआती दौर में ब्रेस्ट कैंसर में आमतौर पर कोई दर्द नहीं होता, इसलिए महिलाएं अक्सर इसे पहचान नहीं पातीं लेकिन इन लक्षणों के दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:

स्तन (Breast) या बगल (Underarm) में किसी भी तरह की नई गांठ का महसूस होना।

स्तन के सामान्य आकार या बनावट में अचानक बदलाव आना।

स्तन की त्वचा का लाल होना, सिकुड़ना या संतरे के छिलके जैसा दिखना।

निप्पल का अंदर की तरफ धंस जाना या उसकी दिशा बदलना।

निप्पल से बिना दबाए खून या किसी अन्य अवांछित तरल पदार्थ (Discharge) का निकलना।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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