सीएम ममता का दावा, कहा- भाजपा 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद सत्ता में नहीं लौटेगी
punjabkesari.in Wednesday, Nov 09, 2022 - 07:58 PM (IST)
नेशनल डेस्क : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का ‘‘इस्तेमाल'' कर रही है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख बनर्जी ने कहा कि वह पश्चिम बंगाल में सीएए या एनआरसी को कभी भी लागू नहीं होने देंगी। उन्होंने भाजपा पर ‘‘राज्य के स्थायी निवासियों के अधिकारों को छीनते हुए अन्य राज्यों से अपने समर्थकों को लाने और उन्हें पश्चिम बंगाल का मतदाता बनाने'' की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद सत्ता में नहीं लौटेगी। बनर्जी ने कहा कि देश की राजनीतिक स्थिति तेजी से बदल रही है और यह 2019 से बहुत अलग है। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी कोई चुनाव आता है, भाजपा सीएए और एनआरसी को लागू करने की बात करती है। ऐसे में जब गुजरात विधानसभा चुनाव अगले महीने होना है और लोकसभा चुनाव में लगभग डेढ़ साल का समय बचा है, इसने सीएए के मुद्दे को फिर से भड़काना शुरू कर दिया है।''
बनर्जी ने कृष्णनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "क्या भाजपा तय करेगी कि कौन नागरिक है और कौन नहीं? मतुआ भी इस देश के नागरिक हैं।'' पश्चिम बंगाल में अनुसूचित जाति की आबादी में मतुआ की अच्छी संख्या है। उन्होंने 1950 के दशक से वर्तमान बांग्लादेश से परोक्ष तौर पर धार्मिक उत्पीड़न के चलते पश्चिम बंगाल की ओर पलायन किया था। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मतुआ इस देश के नागरिक नहीं हैं, तो वे चुनाव में अपना वोट कैसे डाल रहे हैं? अगर मतुआ अवैध नागरिक हैं, तो मतुआ वोटों से चुने गए भाजपा सांसदों और विधायकों को इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि उनका चुनाव भी अवैध है।''
विवादास्पद सीएए को लागू करने का वादा 2019 के लोकसभा और 2021 के विधानसभा चुनावों में भाजपा का एक प्रमुख चुनावी मुद्दा रहा है। बनर्जी ने कहा, ‘‘भाजपा की योजना सीएए का उपयोग करके अन्य राज्यों के अपने समर्थकों को नागरिकता प्रदान करने और उन्हें पश्चिम बंगाल का निवासी बनाने की है। फिर वे यहां रहने वाले स्थायी नागरिकों के अधिकारों को छीन लेंगे और इस तरह आपको राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से वंचित कर देंगे।'' उन्होंने भाजपा पर अलग राज्य की मांग उठाकर पश्चिम बंगाल में अलगाववाद को बढ़ावा देने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया और कहा कि वह कभी भी राज्य का विभाजन नहीं होने देंगी।
बनर्जी ने कहा, ‘‘भाजपा राज्य के उत्तरी हिस्सों में राजबंशी और गोरखाओं को भड़काकर पश्चिम बंगाल में अलगाववाद को बढ़ावा दे रही है। हम पश्चिम बंगाल का विभाजन कभी नहीं होने देंगे।'' उन्होंने दावा किया कि भाजपा 2024 में कभी भी सत्ता में वापस नहीं लौटेगी। उन्होंने कहा, ‘‘2019 में, देश की राजनीतिक स्थिति अलग थी, भाजपा बिहार, झारखंड और कई अन्य राज्यों में सत्ता में थी। लेकिन अब, देशभर में इसकी राजनीतिक मौजूदगी कम हो गई है, यह अब कई राज्यों में सत्ता में नहीं है।'' बनर्जी ने कहा, ‘‘भाजपा कई राज्यों में पहले ही एक ऐसे बिंदु पर पहुंच गई है जहां से उसके विस्तार की संभावना समाप्त हो गई है।
देश की राजनीतिक स्थिति बहुत तेजी से बदल रही है। इसलिए वह विपक्षी दलों पर हमला कर रही है और विपक्षी नेताओं को बदनाम करके उन्हें गिरफ्तार कर रही है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वैध मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं से कहा कि जब इस सप्ताह मतदाता सूची का संशोधन शुरू हो तो वे सतर्क रहें। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र पिछले कुछ महीनों से मनरेगा का कोष जारी नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘वे जीएसटी और अन्य करों की आड़ में राज्य से पैसा ले रहे हैं, लेकिन हमें वह पैसा नहीं दे रहे हैं जो एक संघीय ढांचे में हमारा अधिकार है। लेकिन इस तरह की रणनीति से उन्हें चुनाव में मदद नहीं मिलेगी क्योंकि हम उनके सामने नहीं झुकेंगे।''
