LPG संकट के बीच सरकार बड़ा फैसला… केरोसिन की वापसी, अब पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगी सप्लाई!

punjabkesari.in Sunday, Mar 29, 2026 - 09:34 PM (IST)

नेशनल डेस्कः पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कई देशों की तरह भारत भी ईंधन संकट का सामना कर रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है और घरों तक केरोसिन (मिट्टी का तेल) की आपूर्ति आसान बनाने के लिए नियमों में अस्थायी ढील दी है।

सरकार ने नियमों में दी अस्थायी छूट

29 मार्च को जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत 60 दिनों के लिए सुपीरियर केरोसिन ऑयल (SKO) की एड-हॉक सप्लाई की अनुमति दी है। इसका उद्देश्य है कि आम लोगों को ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े। जिन राज्यों में यह लागू होगा, उनमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात भी शामिल हैं।

अब पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन

नए नियमों के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के चुनिंदा पेट्रोल पंपों को केरोसिन स्टोर और वितरित करने की अनुमति दी गई है।

  • हर चयनित पेट्रोल पंप पर अधिकतम 5,000 लीटर केरोसिन रखा जा सकेगा
  • हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को इसके लिए नामित किया जाएगा

इस कदम से सप्लाई को तेज करने और आम लोगों तक जल्दी पहुंचाने में मदद मिलेगी।

सप्लाई चेन तेज करने के लिए लाइसेंस नियमों में ढील

अधिसूचना में कहा गया है कि केरोसिन के स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और वितरण से जुड़े डीलरों और वाहनों को पेट्रोलियम रूल्स 2002 के कुछ लाइसेंसिंग प्रावधानों से अस्थायी छूट दी गई है। इसका मकसद सप्लाई चेन को तेज करना और अंतिम उपभोक्ता तक समय पर ईंधन पहुंचाना है।

केवल घरेलू उपयोग के लिए ही होगी सप्लाई

सरकार ने साफ किया है कि केरोसिन की आपूर्ति केवल घरेलू जरूरतों जैसे खाना पकाने और रोशनी के लिए ही की जाएगी, ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके।

बंद इलाकों में भी फिर शुरू होगी PDS सप्लाई

इस फैसले के तहत उन क्षेत्रों में भी अस्थायी रूप से PDS के जरिए केरोसिन की सप्लाई फिर से शुरू की जा रही है, जहां इसे पहले चरणबद्ध तरीके से बंद कर दिया गया था। इससे मौजूदा फ्यूल रिटेल नेटवर्क के जरिए तेज और प्रभावी वितरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

सुरक्षा नियम रहेंगे लागू

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) द्वारा जारी सभी सुरक्षा दिशा-निर्देश और ऑपरेशनल प्रोटोकॉल सख्ती से लागू रहेंगे।

क्या है इसका असर?

सरकार के इस फैसले से मौजूदा LPG संकट के बीच आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन इलाकों में जहां वैकल्पिक ईंधन की जरूरत तेजी से बढ़ रही है।


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Content Writer

Pardeep

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