''तारीख पर तारीख...'' से मिली आजादी, अब सभी हाईकोर्ट को 3 महीने में सुनाना होगा रिजर्व फैसला: Supreme Court
punjabkesari.in Friday, May 29, 2026 - 01:27 PM (IST)
नेशनल डेस्क: Supreme Court ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बीते समय से लंबित मामलों पर पर चिंता जताई है। इसी के साथ कोर्ट ने इस व्यवस्था को सुधारने के लिए सख्त दिशा- निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी मामले में फैसला सुरक्षित रखा जाता है तो उसे 3 महीने के अंदर सुनाना होगा।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के अनुसार, किसी भी मामले में फैसला आने के तीन महीने के अंदर सुनाना होगा। वहीं जमानत से जुड़े मामलों में कोर्ट ने कहा है कि आदेश आदर्श रूप से अगले ही दिन जारी हो जाना चाहिए और उसी दिन उसे जेल प्रशासन तक भेज दिया जाना चाहिए।
जमानत मिलते ही तुरंत रिहा होंगे कैदी
इसी के साथ कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि जिन विचाराधीन कैदियों (Under-trial Prisoners) को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, उन्हें उसी दिन या फिर अधिकतम अगले दिन जेल से रिहा कर दिया जाना चाहिए। नए नियमों के मुताबिक, अदालत सबसे पहले फैसले का मुख्य और प्रभावी हिस्सा (Operative Part) खुली अदालत में पढ़कर सुनाएगी, जबकि उसके पीछे के विस्तृत कानूनी कारणों को सात दिनों के भीतर कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इसके अलावा, जिस तारीख को फैसला सुरक्षित रखा गया था, उसकी जानकारी भी संबंधित हाईकोर्ट की वेबसाइट पर दिखानी होगी।
लापरवाही बरतने पर दूसरी बेंच को सौंपा जाएगा मामला
Supreme Court ने चेतानवी देते हुए कहा कि अगर तय समयसीमा के भीतर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो वह मुकदमा किसी दूसरी पीठ (Bench) को ट्रांसफर किया जा सकता है। इतना ही नहीं अगर फैसले के मुख्य कारण 30 दिनों के भीतर वेबसाइट पर अपलोड नहीं होते हैं, तो मामला वापस लेकर नई पीठ के सामने दोबारा सुनवाई के लिए भेजा जा सकता है। शीर्ष अदालत ने सभी उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया है कि वे इन नियमों को अपने-अपने मुख्य न्यायाधीशों के समक्ष पेश करें, ताकि देश भर में इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
