Delhi High Court में Henry की कस्टडी को लेकर जंग, Mahua Moitra पहुंचीं अदालत

punjabkesari.in Thursday, Feb 19, 2026 - 05:49 PM (IST)

नेशनल डेस्क: तृणमूल कांग्रेस की सांसद Mahua Moitra ने अपने पालतू रॉटवीलर ‘हेनरी’ की अंतरिम कस्टडी के लिए Delhi High Court का दरवाजा खटखटाया है। गुरुवार को जस्टिस मनोज कुमार ओहरी की एकल पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 29 अप्रैल तय की।

क्या है पूरा मामला?

इससे पहले 10 नवंबर 2025 को साकेत कोर्ट ने मोइत्रा की वह अर्जी खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने हर महीने 10 दिनों के लिए अपने पालतू कुत्ते की साझा कस्टडी देने की मांग की थी।

हाईकोर्ट में दाखिल अपील में उन्होंने कहा है कि निचली अदालत ने तथ्यों और कानून दोनों की सही व्याख्या नहीं की। उनका दावा है कि हेनरी अधिकतर समय उनके ही निवास पर रहता था और उसकी देखभाल की मुख्य जिम्मेदारी उन्हीं की थी। केवल चुनावी क्षेत्र के दौरों या दिल्ली से बाहर रहने की स्थिति में वह उनके पूर्व साथी Jay Anant Dehadrai के पास रहता था।

मालिकाना हक पर विवाद

याचिका में यह भी कहा गया है कि निचली अदालत ने मालिकाना हक तय करते समय भुगतान को ही प्रमुख आधार मान लिया, जबकि कुत्ते के रख-रखाव पर किए गए खर्च को लेकर विवाद है। सुनवाई के दौरान जय अनंत देहाद्राई स्वयं अदालत में उपस्थित हुए और याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज करने की मांग की।

पुराने विवादों से जुड़ा मामला

महुआ मोइत्रा और जय अनंत देहाद्राई के बीच यह विवाद पहले से चल रही कानूनी लड़ाइयों का हिस्सा माना जा रहा है। 2023 में देहाद्राई ने मोइत्रा पर कारोबारी Darshan Hiranandani से कथित लाभ लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया था। इसके बाद 8 दिसंबर 2023 को उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी।

मोइत्रा ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया था और कहा था कि कोई वित्तीय लेन-देन नहीं हुआ। यह भी आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने संसदीय लॉगिन विवरण साझा किए थे, जिसे उन्होंने गलत ठहराया।

इसी सिलसिले में उन्होंने बीजेपी सांसद Nishikant Dubey और देहाद्राई के खिलाफ मानहानि का मामला भी दायर किया था। हालांकि मार्च 2024 में हाईकोर्ट ने उनकी अंतरिम राहत की मांग स्वीकार नहीं की थी।

अब हेनरी की अंतरिम कस्टडी का मुद्दा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी, जहां अदालत दोनों पक्षों की दलीलों पर विस्तार से सुनवाई करेगी। यह मामला न केवल व्यक्तिगत विवाद बल्कि पहले से चल रहे राजनीतिक और कानूनी टकराव की कड़ी के रूप में भी देखा जा रहा है।


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Ramanjot

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