LPG Gas: गैस सिलेंडर की टेंशन खत्म! अपनाएं ये आसान ट्रिक्स, 25% तक होगी बचत
punjabkesari.in Friday, Mar 13, 2026 - 02:45 PM (IST)
नेशनल डेस्कः देश के कई हिस्सों में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर तरह-तरह की खबरें सामने आ रही हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे कुछ जगहों पर सिलेंडर की डिलीवरी में देरी की बात भी कही जा रही है। इसी वजह से कई उपभोक्ता घबराकर पहले से ज्यादा बुकिंग कराने लगे हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
इसी बीच गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं को रसोई गैस की बचत के लिए कुछ आसान उपाय बताए हैं। इन उपायों को अपनाकर घरेलू उपभोक्ता करीब 25 प्रतिशत तक एलपीजी की खपत कम कर सकते हैं। इसका मतलब है कि एक सिलेंडर सामान्य से 10 से 15 दिन अधिक चल सकता है।
धीमी आंच करके
सरकारी तेल कंपनियों ने बताया कि खाना पकाते समय कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करने से गैस की काफी बचत हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी खाद्य पदार्थ में उबाल आने के बाद गैस की आंच तुरंत धीमी कर देनी चाहिए। तेज आंच पर पकाने से खाना जल्दी तैयार नहीं होता, बल्कि गैस की खपत ज्यादा होती है। वहीं धीमी आंच पर बर्तन में गर्मी बनी रहती है और भोजन अच्छी तरह पक जाता है।
पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को सब्सिडी का लाभ मिलता है, लेकिन मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं को पूरी कीमत पर सिलेंडर खरीदना पड़ता है। मिडिल ईस्ट क्षेत्र में तनाव बढ़ने से सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के चलते देश में भी कमी की चर्चा तेज हो गई है। पहले उपभोक्ता 21 दिन के भीतर नया सिलेंडर बुक कर सकते थे, लेकिन अब सरकार ने इस अवधि को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है, ताकि कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके।
प्रेशर कुकर
घरेलू उपयोग में एलपीजी की खपत सबसे अधिक है, जो कुल खपत का करीब 86 प्रतिशत मानी जाती है। ऐसे में बचत के तरीके अपनाना काफी उपयोगी हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रेशर कुकर में खाना बनाने से 30 से 50 प्रतिशत तक गैस की बचत संभव है, क्योंकि भोजन जल्दी पक जाता है। वहीं दाल, चावल या अन्य अनाज को 20 से 30 मिनट या रातभर भिगोकर रखने से उनका पकने का समय कम हो जाता है।
बर्तन को ढक्कन से ढककर
इसके अलावा खाना बनाते समय बर्तन को ढक्कन से ढककर रखने से भी लगभग 30 प्रतिशत तक गैस बचाई जा सकती है। चूल्हे के बर्नर को साफ रखना भी जरूरी है, क्योंकि साफ बर्नर पर नीली लौ बनती है और गैस की खपत कम होती है। साथ ही बर्तन का आकार भी फ्लेम के अनुसार होना चाहिए, ताकि आग बर्तन के किनारों से बाहर न निकले।
इंडक्शन या माइक्रोवेव का इस्तेमाल
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि यदि संभव हो तो एक साथ दो या तीन व्यंजन तैयार कर लिए जाएं, ताकि बार-बार चूल्हा जलाने की जरूरत न पड़े। हल्के कामों के लिए इंडक्शन या माइक्रोवेव का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इन छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर कुल मिलाकर 25 से 30 प्रतिशत तक एलपीजी की बचत की जा सकती है, जिससे महीने में लगभग 200 से 300 रुपये तक की बचत संभव है।
