4 साल की बच्ची को बिस्कुट खिलाकर की दरिंदगी... लालू प्रसाद की बेटी ने CM नीतीश से की ये मांग

punjabkesari.in Friday, Jan 09, 2026 - 06:08 PM (IST)

नेशनल डेस्क: खगड़िया में मासूम के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां सड़कों पर जनता का गुस्सा फूट रहा है, वहीं दूसरी तरफ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सीधे सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए एक ऐसी मांग कर दी है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

मासूम की चीख और सुलगता खगड़िया

बिहार के खगड़िया जिले के भदास गांव में 7 जनवरी, 2026 की वो सुबह किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं थी। एक दिन पहले लापता हुई चार साल की मासूम का शव घर के पास वाले खेत में मिला। जांच में जो सच सामने आया, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया- बिस्कुट खिलाने के बहाने एक दरिंदे ने उस मासूम की रूह तक को छलनी कर दिया था।

इस घटना के विरोध में 8 जनवरी को खगड़िया समाहरणालय में जो हुआ, उसने सरकार की नींद उड़ा दी। सैकड़ों की भीड़ ने न केवल प्रदर्शन किया, बल्कि न्याय की मांग को लेकर समाहरणालय में तोड़फोड़ तक कर डाली। सड़क जाम और हंगामे के बीच बस एक ही आवाज गूंज रही थी- "आरोपी को फांसी दो!"

सोशल मीडिया पर रोहिणी का 'सिस्टम' पर प्रहार

इस संवेदनशील मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए रोहिणी आचार्य ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिहार की साख पर जो प्रश्न-चिन्ह खड़े हो रहे हैं, उसका जवाब देना ही होगा।

रोहिणी आचार्य की प्रमुख मांगें:

  • विशेष प्रशासनिक कोषांग: बलात्कार और यौन उत्पीड़न के मामलों के लिए एक अलग सेल (Cell) बनाया जाए।
  • कानूनी पेचीदगियों पर लगाम: दोषियों को कानून की कमियों का फायदा उठाकर बचने न दिया जाए।
  • जागरूकता अभियान: सिर्फ सजा ही नहीं, बल्कि गांवों में सामाजिक और वैचारिक बदलाव के लिए निरंतर अभियान चले।

क्या स्पीडी ट्रायल से मिलेगा इंसाफ?

खगड़िया में बढ़ते तनाव को देखते हुए सदर एसडीओ ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। प्रशासन का दावा है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले को 'स्पीडी ट्रायल' के जरिए जल्द से जल्द अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

लेकिन सवाल अब भी वही है: क्या बिहार सरकार रोहिणी आचार्य की इस विशेष प्रशासनिक व्यवस्था की मांग को गंभीरता से लेगी? या फिर एक और मासूम की बलि के बाद व्यवस्था फिर से सुस्त पड़ जाएगी?


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News Editor

Parveen Kumar

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