कैंसर विशेषज्ञ का बड़ा खुलासा, रसोई के ये आइटम्स हैं बेहद खतरनाक, आज ही किचन से बाहर फेंकें ये 5 चीजें
punjabkesari.in Wednesday, Jun 10, 2026 - 01:28 PM (IST)
Kitchen Carcinogens: हमारे घर की रसोई को सेहत का मंदिर माना जाता है, जहां पूरे परिवार की सेहत तय होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जाने-अनजाने इसी रसोई में कुछ ऐसी चीजें जमा हो जाती हैं जो धीरे-धीरे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की वजह बन सकती हैं? अगर नहीं तो एक ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर विशेषज्ञ) ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए लोगों को सतर्क किया है कि रसोई में मौजूद कुछ आम चीजें किस तरह कैंसर के खतरे (Cancer Risk) को बढ़ा रही हैं। डॉक्टर के मुताबिक, इन 5 चीजों को तुरंत अपनी किचन से बाहर कर देना चाहिए:
रसोई से आज ही निकालें ये 5 खतरनाक चीजें...
1. बर्तन मांजने वाला स्पंज
ज्यादातर घरों में बर्तन साफ करने के लिए सिंथेटिक स्पंज का इस्तेमाल होता है। डॉक्टर के अनुसार, इन स्पंज को किचन से तुरंत हटा देना चाहिए। इस्तेमाल के दौरान इनके माइक्रो-प्लास्टिक घिसकर बर्तनों में चिपक जाते हैं और सीधे हमारे भोजन के जरिए पेट में पहुंच जाते हैं जो आगे तलक गंभीर बिमारी का कारण बन सकते है।
2. काले प्लास्टिक के स्पैचुला
सब्जी चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाले काले प्लास्टिक के चमचों (स्पैचुला) को तुरंत बाहर फेंके। इस खास तरह के काले प्लास्टिक में खतरनाक रीसाइकिल तत्व और केमिकल्स होते हैं, जो गर्म खाने के संपर्क में आते ही पिघलकर भोजन में मिल जाते हैं और कैंसर को जन्म देते हैं।
3. प्लास्टिक चॉपिंग बोर्ड
सब्जी काटने के लिए प्लास्टिक के चॉपिंग बोर्ड का इस्तेमाल बी न करें। दरअसल, जब भी इस पर चाकू चलाया जाता है, तो प्लास्टिक के न दिखने वाले बारीक कण (Microplastics) कटकर सब्जियों के साथ मिक्स हो जाते हैं। इसकी जगह हमेशा लकड़ी (Wooden) या मेटल के कटिंग बोर्ड का ही उपयोग करें।
4. प्रेशर कुकर की पुरानी रबर
प्रेशर कुकर में लगी रबर जब पुरानी हो जाती है, तो लोग उसे फौरन बदलें। हाई हीट (तेज आंच) और भारी दबाव के कारण यह पुरानी रबर खतरनाक केमिकल्स रिलीज करने लगती है, जो कुकर के अंदर बन रहे खाने में समा जाते हैं। पुरानी रबर को तुरंत बदलें या अच्छी क्वालिटी की रबर ही इस्तेमाल करें।
5. प्लास्टिक की बोतलें
अकसर हम पढ़ते सुनते है कि प्लास्टिक की पानी की बोतल हमारे शरीर के लिए हारिकारक है। लंबे समय तक इस्तेमाल होने पर प्लास्टिक ब्रेकडाउन होने लगता है और पानी में जहरीले तत्व घुलने लगते हैं। पानी के लिए हमेशा कांच, स्टील या तांबे की बोतलों को तरजीह दें।
एक दम से नहीं ब्लकि धीरे-धीरे पनपता है खतरा
कैंसर कोई ऐसी बीमारी नहीं है जो रातों-रात शरीर में पैदा हो जाए। यह एक लंबी प्रक्रिया है। जब हम सालों तक रोजमर्रा की जिंदगी में इन प्लास्टिक और केमिकल वाली चीजों के संपर्क में रहते हैं, तो शरीर के अंदर टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं। यही टॉक्सिन्स आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल जागरूकता और ऑन्कोलॉजिस्ट के सोशल मीडिया सुझावों पर आधारित है। अपनी लाइफस्टाइल या बर्तनों में बदलाव करने से पहले किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ या डॉक्टर से उचित परामर्श जरूर लें।
