संसद के बजट सत्र में मचेगा घमासान! मनरेगा बचाने के लिए खरगे ने देशव्यापी मोर्चे का किया ऐलान

punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 02:53 PM (IST)

नेशनल डेस्क: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम' को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) को खत्म करना गरीबों को ‘बंधुआ मजदूर' बनाने की साजिश है तथा 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दौरान उनका दल इस मुद्दे को उठाएगा। उन्होंने कांग्रेस के नवगठित प्रकोष्ट ‘रचनात्मक कांग्रेस' की ओर से आयोजित कार्यक्रम ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा' को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस मनरेगा की बहाली के लिए देश भर में व्यापक आंदोलन शुरू कर रही है।

PunjabKesari

खरगे ने कहा, ‘‘देश के तमाम हिस्सों में कांग्रेस पार्टी मनरेगा को बचाने के लिए आंदोलन करने जा रही है। मनरेगा को खत्म करना, सिर्फ कमजोर तबकों पर प्रहार नहीं है। यह महात्मा गांधी जी को जन स्मृति से हटाकर, ग्राम स्वराज की सोच पर हमला करने की साजिश है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह पहली बार है कि कोई दल किसी योजना का महात्मा गांधी पर रखा गया नाम हटाने की हिमाकत कर रहा है। देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।''

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार मनरेगा को ख़त्म करने का काम इसलिए कर रही है, ताकि देश के दबे-कुचले लोगों को 'बंधुआ मजदूर' बनाया जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी लोगों को बंधुआ मजदूर बनाकर अमीरों के हाथ में सौंपने जा रहे हैं ताकि लोग अमीरों के इशारों पर, उनकी मर्जी के पैसों पर काम करें। मनरेगा से लोगों को 100 दिन के काम की कानूनी गारंटी मिलती थी, जिसे तबाह करने का काम किया जा रहा है। हमें मनरेगा और काम के अधिकार को बचाने की लड़ाई लड़नी है।''

PunjabKesari

खरगे ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘मनरेगा बचाने की लड़ाई बहुत लंबी है। हम इस लड़ाई को एक जगह पर बैठकर या नारे लगाकर नहीं लड़ सकते। जब तक सरकार नए कानून को वापस नहीं लेगी और मनरेगा को फिर से बहाल नहीं करेगी, तब तक हम लड़ते रहेंगे।'' उनका कहना था कि मनरेगा को ख़त्म कर सरकार ने ग्रामीण भारत के गरीबों, कमजोर तबकों पर हमला किया है, जिसका देशभर में विरोध हो रहा है। खरगे ने कहा, ‘‘जल्द ही बजट सत्र शुरू होने वाला है, जिसमें हम मनरेगा के मुद्दे को उठाएंगे।''


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Radhika

Related News