कलेक्टर ऑफिस में 'कुत्ता' बनकर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष, आवारा कुत्तों के आतंक से हुए परेशान, देखें Video
punjabkesari.in Wednesday, Aug 19, 2026 - 12:33 PM (IST)
खंडवा : मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और नगर निगम की ढचर-पचर कार्यशैली के विरोध में मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर एक व्यक्ति को डॉग कॉस्ट्यूम का रूप देकर कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचे। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
इस अनोखे और प्रतीकात्मक प्रदर्शन को देखकर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद लोग और प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह हैरान रह गए। हर मंगलवार को आयोजित होने वाली जिला स्तरीय जनसुनवाई में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे आम नागरिक अपनी-अपनी शिकायतें भूलकर 'छद्म कुत्ते' की तस्वीरें और वीडियो बनाने लगे। नेता प्रतिपक्ष ने इस अनूठे तरीके के जरिए शहर में आवारा श्वानों के बेकाबू खौफ और प्रशासनिक अनदेखी की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया।
अपर कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में नेता प्रतिपक्ष ने नगर निगम के अधिकारियों पर आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर भारी फर्जीवाड़े का आरोप लगाया। वर्ष 2024 में नगर निगम ने कागजों पर 3,168 कुत्तों की नसबंदी करने का दावा किया था। इस अभियान के नाम पर नगर निगम के खजाने से 33 लाख 20 हजार रुपये की राशि निकाली गई। आंकड़ों के अनुसार एक कुत्ते की नसबंदी पर औसतन 1,048 रुपये का खर्च दिखाया गया है।
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नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि अगर कागजों पर हजारों श्वानों की नसबंदी हुई तो फिर शहर की हर गली-मोहल्ले में आवारा कुत्तों की संख्या घटने के बजाय इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि वेबसाइट पर फर्जी डेटा अपलोड करके जनता के पैसों की बंदरबांट की गई है।
मध्य प्रदेश के खंडवा में आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान एक व्यक्ति अनोखे अंदाज में कुत्ते का कॉस्ट्यूम पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंच गया। व्यक्ति ने इस तरीके से प्रशासन का ध्यान आवारा कुत्तों की समस्या की ओर आकर्षित किया और समस्या के समाधान की मांग की। pic.twitter.com/oXmAUBO6yz
— Ashutosh shukla (@Ashu9621101476) August 19, 2026
बता दें कि खंडवा शहर में आवारा पशुओं और कुत्तों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। पिछले 4 वर्षों में खंडवा के लगभग 13,225 नागरिक डॉग बाइट (श्वान दंश) का शिकार होकर सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचे हैं। आवारा श्वानों के आतंक के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का घर से अकेले निकलना मुश्किल हो गया है। आवारा कुत्तों के साथ-साथ सड़कों पर घूम रहे बेसहारा मवेशी भी रात के समय हादसों का मुख्य कारण बन रहे हैं।
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वहीं नेता प्रतिपक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि नसबंदी योजना की टेंडर प्रक्रिया, संबंधित ठेकेदार कंपनी की पात्रता और प्रस्तुत दस्तावेजों की निष्पक्ष वित्तीय एवं तकनीकी ऑडिट कराई जाए। नसबंदी किए गए कुत्तों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया जाए। भ्रष्टाचार में लिप्त दोषी अधिकारियों और ठेकेदार कंपनी पर तत्काल FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस मामले में अपर कलेक्टर काशीराम बडोले ने बताया कि प्राप्त शिकायत का संज्ञान लिया गया है और इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
