कर्नाटक सरकार ने हिजाब से हटाया बैन, CM सिद्धारमैया बोले- लड़कियों को अपने कपड़े चुनने का अधिकार
punjabkesari.in Friday, Dec 22, 2023 - 10:03 PM (IST)
नेशनल डेस्कः कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को राज्य में हिजाब पर लगे प्रतिबंध को हटाने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य में अब हिजाब पर कोई प्रतिबंध नहीं है। सिद्धारमैया ने कहा है कि उनकी सरकार पिछली भाजपा सरकार के फैसले को वापस ले लेगी। बता दें कि बीते साल फरवरी महीने में तत्कालीन भाजपा सरकार ने कर्नाटक में शिक्षण संस्थानों छात्राओं के हिजाब पहनने पर रोक लगा दी थी। सरकार ने तर्क दिया था कि समानता, अखंडता को बिगाड़ने वाले कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
On Hijab ban in the state, Karnataka CM Siddaramaiah says "We will take back that decision, there is no Hijab ban now. Women can go out wearing hijab. I have told the officials to take back the order (previous govt order). Dressing and eating food is our choice, why should I… pic.twitter.com/UA6HJ7pnnV
— ANI (@ANI) December 22, 2023
भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने कर्नाटक में स्कूल कॉलेजों में हिजाब पहनकर आने पर रोक लगा दी थी। इसे लेकर काफी हो-हल्ला भी मचा था। मामला हाई कोर्ट तक भी पहुंचा। राज्य में कांग्रेस की सरकार आने के बाद अब इस रोक को हटाया जा रहा है। बीजेपी की बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा 2022 में शैक्षणिक संस्थानों पर हिजाब बैन करने के बाद राज्य में एक महीने तक विवाद चला। आदेश के खिलाफ याचिकाएं दायर होने के बाद कर्नाटक हाई कोर्ट ने भी भाजपा सरकार के फैसले को बरकरार रखा।
कहां से शुरू हुआ विवाद?
अदालत ने कहा कि हिजाब पहनना इस्लाम की आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है और राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में एक समान पोशाक नियम का पालन किया जाना चाहिए। हिजाब विवाद इस साल जनवरी में कर्नाटक के उडुपी से शुरू हुआ था। जिले में छात्रों के एक समूह ने आरोप लगाया कि उन्हें हिजाब पहनने के कारण कक्षाओं में आने से रोका गया। छात्र कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। कर्नाटक हाई कोर्ट से निराशा हाथ लगने के बाद इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
हिजाब बैन का समर्थन करने वाले युवा भगवा कपड़े पहनकर कॉलेज आने लगे। सुप्रीम कोर्ट में याचिकाओं पर फैसला बंटा हुआ नजर आया। न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता ने अपीलों को खारिज कर दिया, न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने उन्हें यह कहते हुए अनुमति दे दी कि “यह पसंद का मामला है, न इससे ज्यादा, न इससे कम”। हिजाब बैन का समर्थन करने वाले युवा भगवा कपड़े पहनकर कॉलेज आने लगे। सुप्रीम कोर्ट में याचिकाओं पर फैसला बंटा हुआ नजर आया। न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता ने अपीलों को खारिज कर दिया, न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने उन्हें यह कहते हुए अनुमति दे दी कि “यह पसंद का मामला है, न इससे ज्यादा, न इससे कम”।
