राम मंदिर के चढ़ावे पर कांग्रेस का बड़ा आरोप, जयराम रमेश बोले- दोषियों को क्यों बचाया जा रहा

punjabkesari.in Sunday, Oct 25, 2026 - 10:27 AM (IST)

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपना हमला जारी रखते हुए और राम मंदिर चंदा विवाद पर जवाब मांगते हुए, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित उत्तर प्रदेश दौरे का जिक्र किया। उन्होंने अयोध्या में श्री राम मंदिर के लिए मिले सार्वजनिक चंदे और चढ़ावे में कथित वित्तीय हेराफेरी पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

'X' (ट्विटर) पर "चंदा चोरी, आस्था से धोखा" शीर्षक से एक पोस्ट में कांग्रेस नेता ने लिखा, "ईश्वर को समर्पित धन की चोरी, यानी देवताओं को दिए गए चंदे और चढ़ावे की चोरी, एक बहुत बड़ा पाप माना जाता है।" कांग्रेस सांसद की यह टिप्पणी उन कई पोस्टों का हिस्सा है, जिनमें उन्होंने चंदा विवाद का मुद्दा उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को दबाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट में बीजेपी, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस से जुड़े लोगों को ट्रस्टी बनाए जाने पर भी सवाल उठाए।

"अयोध्या के श्री राम मंदिर में अब भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों द्वारा एक गंभीर पाप किए जाने का मामला सामने आया है, लेकिन इस पूरे मामले को दबाने और मुख्य दोषियों को बचाने की कोशिशें की जा रही हैं। सवाल यह है कि भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस से जुड़े जिन लोगों को प्रधानमंत्री मोदी ने खुद बिना किसी सार्वजनिक चर्चा के ट्रस्टी के रूप में चुना था—अब जब यह साबित हो चुका है कि यह घोर पाप, जिसने देश भर के करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई है, उनकी देखरेख में हुआ है—तो प्रधानमंत्री, जो राम मंदिर का श्रेय लेने में हमेशा सबसे आगे रहते हैं, अब चुप क्यों हैं और इन गंभीर पापियों को बचाने की शर्मनाक कोशिश क्यों कर रहे हैं?" 

रमेश ने अयोध्या में मिले चंदे और वहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि 2021 में 'निधि समर्पण अभियान' और कॉर्पस दान के जरिए 3,264 करोड़ रुपये जमा हुए थे। उन्होंने लिखा, "आरएसएस और ट्रस्ट के अनुसार, 'निधि समर्पण अभियान' (2021) में निधि समर्पण और कॉर्पस दान को मिलाकर कुल 3,264 करोड़ रुपये जमा हुए थे। 2024 के 9 महीनों में 13.55 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे।

वहीं, 2025 के महाकुंभ के दौरान लगभग 10 करोड़ और श्रद्धालु अयोध्या आए।" उन्होंने 1 अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच, लगभग 16 करोड़ श्रद्धालुओं के आने के बावजूद, चढ़ावे के रूप में केवल 82.78 करोड़ रुपये जमा होने की रिपोर्ट पर सवाल उठाए और इसे "डकैती" करार दिया। उन्होंने कहा, "ऐसी स्थिति में, जब 1 अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच 16 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की बात कही जा रही है, तब कुल चढ़ावा केवल 82.78 करोड़ रुपये (प्रति व्यक्ति औसतन 5 रुपये) बताया गया है। श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए, यह बहुत ही संदिग्ध लगता है।"

रमेश ने अपनी पोस्ट में आगे कहा, "मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने भी माना है कि यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि एक 'डकैती' है।"
उन्होंने चार सवालों के जवाब मांगे। साथ ही यह भी पूछा कि पूरे देश से कुल कितना चंदा इकट्ठा हुआ और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने इस चोरी को केवल 80 लाख रुपये तक ही सीमित क्यों रखा है? "पूरे देश में कितने करोड़ लोगों ने कितने हजार करोड़ रुपये का चंदा दिया? दान पेटियों (हुंडी/काउंटरों) में कुल कितना चढ़ावा जमा हुआ? चंदे और चढ़ावे की यह चोरी कितने हजार करोड़ रुपये की है, और सरकार निष्पक्ष जांच कराने के बजाय चुप क्यों है? लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे का हिसाब-किताब कहाँ है?"

रमेश ने सवाल किया, "SIT ने केवल 80 लाख की चोरी की रिपोर्ट दर्ज करके इस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश क्यों की?" रमेश ने मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर 'दोषियों' को बचाने और मामले की ठीक से जांच न कराने का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा, "नरेंद्र मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ, मामले की गहन जांच का आदेश देने के बजाय, दोषियों के गलत कामों पर पर्दा डालने की कोशिश क्यों कर रहे हैं? कहा जाता है कि न केवल न्याय होना चाहिए, बल्कि न्याय होता हुआ दिखना भी चाहिए। लेकिन इस पूरे मामले में, न तो न्याय हुआ है और न ही न्याय दिलाने की कोई कोशिश होती दिख रही है।"

उन्होंने प्रधानमंत्री से यह भी आग्रह किया कि वे उत्तर प्रदेश के अपने दौरे के दौरान इस मुद्दे पर बात करें। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं, इसलिए हमें उम्मीद है कि इस दौरे के दौरान वे इस गंभीर मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे और देशवासियों के सवालों का जवाब देंगे।" रमेश ने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मामले को उठाती रहेगी और कहा कि कथित हेराफेरी के लिए जिम्मेदार लोगों को सामने लाया जाना चाहिए।
 


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Content Editor

Sahil Kumar

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