SIR पर कांग्रेस का बड़ा हमला, जयराम रमेश बोले- ''अवैध और असंवैधानिक'' प्रक्रिया तुरंत रोके चुनाव आयोग
punjabkesari.in Monday, Oct 19, 2026 - 05:09 PM (IST)
नई दिल्ली : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने इस प्रक्रिया को 'अवैध और असंवैधानिक' बताते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से सूची से हटाए गए हैं। पार्टी ने ऐसे सभी मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल करने की मांग की है।
SIR प्रक्रिया पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक खबर साझा करते हुए दावा किया कि SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट यानी दोहरी प्रविष्टि वाली श्रेणी में रखा गया है। इन श्रेणियों को संक्षेप में 'ASDD' कहा जाता है। रमेश के मुताबिक, भाजपा और उसके समर्थक इस प्रक्रिया को मतदाता सूची की सफाई बताकर इसका बचाव कर रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम भी गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं।
दो मतदान केंद्रों पर 100 नाम गलत तरीके से हटाने का दावा
जयराम रमेश ने दिल्ली में नागरिक अधिकार संगठनों की ओर से किए गए एक सार्वजनिक ऑडिट का हवाला देते हुए कहा कि जांच में मतदाता सूची से नाम गलत तरीके से हटाए जाने के मामले सामने आए हैं। उनका दावा है कि केवल दो मतदान केंद्रों पर कम से कम 100 ऐसे मतदाता मिले, जिनके नाम ASDD श्रेणी के तहत गलत तरीके से हटाए गए थे। इनमें से ज्यादातर लोगों को 'स्थानांतरित' या 'अनुपस्थित' बताया गया था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
नौ करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाने पर सवाल
कांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि देशभर में 'स्थानांतरित' और 'अनुपस्थित' श्रेणियों के तहत नौ करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इनमें से कितने लोग वास्तव में मतदाता सूची से हटाए जाने योग्य थे और कितने वास्तविक मतदाताओं को उनके मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की ओर से कथित तौर पर लगाए जा रहे विशेष शिविरों और घर-घर जाकर सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
Vast majority of deletions in the disastrous SIR process have been in the ASDD category: Absent, Shifted, Dead and Duplicate. The BJP and its unofficial spokespersons are using this to defend SIR as ‘cleaning the voter rolls’. But a public audit by civil society organisations in Delhi exposed the widespread wrongful deletions taking place in the name of “ASDD”. They found at least 100 voters in just 2 polling booths who had been wrongly deleted under “ASDD” – most in the Shifted or Absent categories. Over 9 crore voters have been deleted across the country in these 2 categories alone. How many of them are genuine voters being denied their right to vote? Reports also expose the reality of the “special camps” and door-to-door visits promised by the Election Commission of India in its various damage-control Press Notes. Many wrongfully deleted voters are unaware of these camps and have not been contacted by their Booth Level Officers (BLOs). It should not be civil society but the ECI itself that is clearing up the mess created by its disastrous SIR. The illegal and unconstitutional SIR process must be stopped immediately. All illegitimately deleted voters must be restored to the electoral rolls.
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) October 19, 2026
मतदाताओं तक नहीं पहुंच रही शिविरों की जानकारी?
जयराम रमेश का आरोप है कि जिन लोगों के नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनमें से कई को विशेष शिविरों की जानकारी तक नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई मामलों में बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) ने संबंधित मतदाताओं से संपर्क नहीं किया। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को दूर करने की जिम्मेदारी नागरिक संगठनों की नहीं, बल्कि निर्वाचन आयोग की है।
कांग्रेस ने की SIR रोकने की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए और मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए सभी पात्र मतदाताओं के नाम बहाल किए जाएं। इस मुद्दे पर अब निर्वाचन आयोग का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, कांग्रेस के आरोपों और मांगों के बीच SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
