राजनीति और विचारधारा: क्या ''Aap'' का ''पंजाब केसरी समूह'' पर हमला मोदी मॉडल की नकल है? पवन खेड़ा ने कही ये बड़ी बात
punjabkesari.in Friday, Jan 16, 2026 - 12:27 PM (IST)
नेशनल डेस्क : भारतीय राजनीति में हर दल की अपनी एक वैचारिक जड़ होती है। जहां कांग्रेस महात्मा गांधी, नेहरू और पटेल के आदर्शों की बात करती है, वहीं भाजपा गोलवलकर और सावरकर जैसे विचारकों से प्रेरणा लेती है। पंजाब में 'पंजाब केसरी' अखबार समूह पर आम आदमी पार्टी (AAP) के हालिया तीखे हमलों ने एक नई बहस छेड़ दी है।
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हर पार्टी किसी ना किसी से प्रेरणा लेती है। जैसे, कांग्रेस गांधी, नेहरू, पटेल, बोस, आज़ाद आदि से तो भाजपा गोलवलकर, सावरकर, गोडसे आदि और कम्युनिस्ट मार्क्स, लेनिन से।
— Pawan Khera 🇮🇳 (@Pawankhera) January 16, 2026
आम आदमी पार्टी ने पंजाब ने प्रसिद्ध अख़बार पंजाब केसरी पर जो चौतरफा हमला बोला है, इससे लगता है कि यूँ तो यह पार्टी… pic.twitter.com/WlguXI9UV8
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बिना विचारधारा की पार्टी या नई रणनीति?
राजनीतिक गलियारों में अक्सर 'आप' को बिना किसी तय विचारधारा वाली पार्टी कहा जाता रहा है। हालांकि, पंजाब में मीडिया संस्थान के खिलाफ जिस तरह की आक्रामक कार्यशैली अपनाई गई है, आलोचक इसे 'नरेंद्र मोदी मॉडल' से प्रेरित बता रहे हैं। आरोप लग रहे हैं कि जिस तरह केंद्र में भाजपा सरकार पर मीडिया को नियंत्रित करने के आरोप लगते हैं, अब पंजाब में भगवंत मान सरकार भी उसी रास्ते पर चल रही है।
विपक्ष ने घेरा: 'चौथे स्तंभ' पर प्रहार
पंजाब केसरी समूह पर हुई कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों अकाली दल और कांग्रेस ने एकजुट होकर सरकार की निंदा की है। उनका तर्क है कि स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने की यह कोशिश लोकतंत्र के लिए खतरा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 'आप' अपनी सत्ता को चुनौती देने वाली आवाजों के प्रति वैसी ही कट्टरता दिखा रही है, जैसी वह अक्सर भाजपा पर होने का आरोप लगाती थी।
