10 Gram Gold Prices: 2026 में इतने लाख का आंकड़ा पार करेगा Gold? सामने आया चौंकाने वाला रेट
punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 09:15 AM (IST)
नेशनल डेस्क: अंतरराष्ट्रीय बाजार में मची हलचल का सीधा असर भारत में सोने की कीमतों पर दिख रहा है। 24 कैरेट सोने की कीमतों में प्रति 100 ग्राम पर लगभग 36,000 रुपये की भारी बढ़त देखी गई है। वर्तमान भाव अब अपने सर्वकालिक उच्च स्तर (1,40,000 रुपये) के बेहद करीब पहुंच गए हैं, जिससे शादी-ब्याह के सीजन में खरीदारों की जेब पर भारी बोझ पड़ना तय है। साल 2025 में सोने ने जो रफ्तार पकड़ी थी, वह 2026 की शुरुआत में भी थमने का नाम नहीं ले रही है।
मौजूदा स्थिति: 7 जनवरी 2026 को वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड 4,440 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा। हालांकि, कुछ निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Taking) की है, जिससे कीमतें अपने शिखर (4,549 डॉलर) से थोड़ी नीचे आई हैं, लेकिन बाजार का झुकाव अब भी तेजी की तरफ है।
अगला लक्ष्य: एक्सपर्ट्स की नजर 4,450 डॉलर के रेजिस्टेंस लेवल पर है। अगर यह पार होता है, तो नई तेजी के द्वार खुल जाएंगे।
दिग्गज संस्थानों की भविष्यवाणी
आने वाले समय में सोने के भाव कहां तक जाएंगे, इसे लेकर बड़े वित्तीय संस्थानों ने अपने अनुमान साझा किए हैं:
मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley): इनके अनुसार, 2026 की आखिरी तिमाही तक सोना 4,800 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है।
बैंक ऑफ अमेरिका: विश्लेषकों का मानना है कि उत्पादन लागत में बढ़ोतरी और वैश्विक आपूर्ति में कमी के कारण पूरे साल सोने का औसत भाव 4,538 डॉलर के आसपास बना रहेगा।
2026 का अनुमान: अधिकांश रणनीतिकार इस साल सोने को 4,500 से 5,000 डॉलर के दायरे में देख रहे हैं।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें? (प्रमुख कारण)
जियोपॉलिटिकल टेंशन: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता सैन्य तनाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर धकेल रहा है।
सेंट्रल बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता (Diversification) लाने के लिए आक्रामक रूप से सोना जमा कर रहे हैं।
अनिश्चितता का लाभ: वीटी मार्केट्स के विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक ग्लोबल ग्रोथ में मंदी और राजनीतिक अस्थिरता बनी रहेगी, सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों को भी सपोर्ट मिलता रहेगा।
खरीदारों के लिए क्या है संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कम अवधि में उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन लंबी अवधि के लिए सोना एक मजबूत ढाल बना हुआ है। यदि आप निवेश की सोच रहे हैं, तो गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी करना एक बेहतर रणनीति हो सकती है।
