बंगाल बीजेपी में अंदरूनी नाराजगी? विधायक अमरनाथ शाखा बोले- नेता रील बनाने में व्यस्त, लेफ्ट को बढ़ने का मौका
punjabkesari.in Tuesday, Sep 01, 2026 - 11:50 PM (IST)
कोलकाता/बांकुरा: पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर कलह और असंतोष की खबरें खुलकर सामने आ गई हैं। बांकुरा जिले के ओंदा निर्वाचन क्षेत्र से दो बार के भाजपा विधायक अमरनाथ शाखा ने अपनी ही पार्टी के राज्य नेतृत्व के एक बड़े हिस्से पर तीखा फेसबुक पोस्ट लिखकर बड़ा हमला बोला है। शाखा ने आरोप लगाया है कि पार्टी के नेता माकपा (सीपीआई-एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे का मुकाबला करने के बजाय केवल "सेल्फ-प्रमोशन" (आत्म-प्रचार), रील्स बनाने, फॉलोअर्स बढ़ाने और फैन क्लब तैयार करने में व्यस्त हैं।
गलत चीजों पर चुप नहीं रह सकता: विधायक
अमरनाथ शाखा ने बांग्ला भाषा में लिखे अपने फेसबुक पोस्ट में स्पष्ट किया कि वह कई वर्षों से भाजपा से जुड़े हुए हैं और गलत चीजों पर चुप नहीं रह सकते, भले ही इसके कारण उनके कई दुश्मन ही क्यों न बन गए हों। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से राज्य में भाजपा सत्ता में आई है, कम्युनिस्ट ब्लॉक (जिसमें सीपीआई-एम, सीपीआई, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, ऑल इंडिया सेकुलर फ्रंट और अन्य दल शामिल हैं) लोगों को भड़काने, गुमराह करने और सरकार की नकारात्मक छवि बनाने की लगातार कोशिशें कर रहा है।
उन्होंने हैरानी जताते हुए लिखा, "हैरानी की बात यह है कि हमारा कोई भी वरिष्ठ नेता इसके खिलाफ विरोध नहीं कर रहा है।" सुबह सोकर उठने से लेकर रात को सोने तक, सभी नेता केवल खुद के प्रचार में व्यस्त हैं।

"पार्टी जाए भाड़ में, बस खुद का पेट भरा रहे"
विधायक ने पार्टी नेताओं की प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल उठाते हुए तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि इस साल मई में आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में पार्टी को मिली बड़ी जीत के बाद से नेता केवल व्यक्तिगत लाभ उठाने में लगे हैं। उन्होंने लिखा, "अब जब सरकार सत्ता में आ गई है, तो हर कोई फायदे उठाने में व्यस्त है। पार्टी भले ही भाड़ में जाए, बशर्ते उनका अपना पेट भरा रहे।"
शाखा ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी एक नेता के पीछे भागने के बजाय पार्टी के सच्चे समर्थक बनें, क्योंकि नेता आते-जाते रहेंगे लेकिन पार्टी हमेशा रहेगी।
रंगदारी और कट-मनी के आरोप
अपने राजनीतिक संघर्ष का जिक्र करते हुए शाखा ने कहा कि उन्होंने भाजपा के लिए अपनी जवानी, परिवार और जीवन को दांव पर लगा दिया था। उन्होंने सीपीआई(एम) के 34 वर्षों के खूनी आतंक और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अत्याचारों का सामना किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज कुछ लोगों के लालच और पैसे कमाने के रवैये के कारण पार्टी को गंभीर नुकसान हो रहा है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में वरिष्ठ भाजपा नेता शमिक भट्टाचार्य ने भी इस बात पर चिंता जताई थी कि पार्टी के कुछ पदाधिकारी जबरन वसूली (रंगदारी) और 'कट-मनी' जैसे अपराधों में संलिप्त हो रहे हैं।
पार्टी और विपक्ष की प्रतिक्रिया
इस फेसबुक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के एक वरिष्ठ जिला नेता ने पीटीआई (PTI) से कहा कि अमरनाथ शाखा एक वरिष्ठ नेता हैं और उनके विचार बेहद महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, उन्हें अपनी चिंताओं को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बजाय पार्टी के आंतरिक मंच पर उठाना चाहिए था।
यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब बंगाल में वाम मोर्चा युवा नेताओं को आगे रखकर और सड़क अभियानों के माध्यम से खुद को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, यह प्रयास अब तक चुनावी सफलता में नहीं बदला है और वामपंथी गठबंधन को 2026 के विधानसभा चुनाव में केवल दो सीटें ही हासिल हो सकी थीं। दिलचस्प बात यह है कि विधायक का यह फेसबुक पोस्ट केंद्रीय नेतृत्व द्वारा पार्टी नेताओं को सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता बढ़ाने की सलाह दिए जाने के कुछ ही हफ्तों बाद आया है।
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