भारतीय महिला को UK जाकर आई देश की कद्र: बोली- भारत बहुत ‘लक्जरी’, हर पल याद आती सुविधाएं (Video Viral)
punjabkesari.in Monday, May 25, 2026 - 02:48 PM (IST)
London: ब्रिटेन में रह रही भारतीय महिला विधि लिल्हा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने भारत और UK की रोजमर्रा की जिंदगी की तुलना करते हुए बताया कि भारत में जो सुविधाएं आम लगती हैं, वही विदेश में जाकर बेहद महंगी और “प्रीमियम” महसूस होने लगती हैं।वीडियो में लिखा था “Things that feel basic in India suddenly become premium in the UK.” यानी भारत की सामान्य सुविधाएं UK में लक्जरी जैसी लगती हैं। विधि ने अपनी पोस्ट में कई उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि भारत में खाने-पीने का सामान, ग्रॉसरी, दवाइयां, ऑनलाइन रिटर्न जैसी लगभग हर चीज घर के दरवाजे तक पहुंच जाती है। जबकि UK में कई बार लोगों को खुद जाकर सामान लेना या लौटाना पड़ता है।
उन्होंने घरेलू मदद की तुलना करते हुए लिखा कि भारत में मेड, कुक और क्लीनर जैसी सेवाएं कई घरों में सामान्य हैं, लेकिन UK में घरेलू मदद रखना काफी महंगा और लग्जरी जैसा माना जाता है। विधि ने भारत की “रिपेयर संस्कृति” की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत में लगभग हर चीज सस्ते में ठीक हो जाती है, जबकि UK में लोग अक्सर सामान रिपेयर कराने के बजाय नया खरीदना ज्यादा आसान समझते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में अचानक जरूरत पड़ने पर भी कई काम तुरंत हो जाते हैं, जबकि UK में अधिकतर चीजें पहले से प्लानिंग और अपॉइंटमेंट के आधार पर चलती हैं। कस्टमर सर्विस को लेकर भी उन्होंने बड़ा अंतर बताया। उनके अनुसार भारत में दुकानदार और कंपनियां ग्राहकों के लिए कई बार नियमों से हटकर भी मदद कर देती हैं, जबकि UK में नियमों और पॉलिसी को ज्यादा महत्व दिया जाता है।

फूड डिलीवरी और खाने की विविधता पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में देर रात तक सस्ता और अलग-अलग तरह का खाना आसानी से मिल जाता है, जबकि UK में विकल्प सीमित हैं, दुकानें जल्दी बंद हो जाती हैं और खर्च भी ज्यादा होता है। विधि के वीडियो पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि विदेश जाकर ही भारत की सुविधाओं की असली अहमियत समझ आती है। एक यूजर ने लिखा, “India really spoils us with convenience.” दूसरे ने कहा, “भारत में डिलीवरी एजेंट जरूरत पड़े तो कई बार कॉल करते हैं, विदेश में ऐसा नहीं होता।”एक अन्य यूजर ने घरेलू मदद को लेकर लिखा कि यूरोप जाकर ही भारतीयों को समझ आता है कि भारत में यह कितनी बड़ी सुविधा है। वहीं कुछ लोगों ने भारत की रिपेयर संस्कृति को “अंडररेटेड” बताया। हालांकि रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर आधारित यूजर जनरेटेड कंटेंट है और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
