वियतनाम में नस्लीय भेदभावः गोरे ग्राहकों को सामान व भारतीय को इनकार, युवक ने ऐसे सिखाया सबक (Video)
punjabkesari.in Wednesday, May 27, 2026 - 06:14 PM (IST)
International Desk: वियतनाम में एक भारतीय युवक के साथ कथित भेदभाव का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिखाया गया कि हनोई शहर के एक ग्रोसरी स्टोर में भारतीय डिजिटल क्रिएटर अनंत को सामान देने से मना कर दिया गया, जबकि उनके सामने दूसरे विदेशी ग्राहकों को सामान बेचा जा रहा था। अनंत ने बताया कि स्टोर पर मौजूद कर्मचारी ने उनके सामने कई गोरे ग्राहकों की बिलिंग की, लेकिन जब उनकी बारी आई तो उन्हें सामान देने से इनकार कर दिया गया। इससे उन्हें काफी अपमान महसूस हुआ। वीडियो में अनंत स्टोर कर्मचारी से सवाल करते नजर आते हैं। वह उससे मैनेजर बुलाने की मांग करते हैं और कहते हैं कि जरूरत पड़ी तो पुलिस भी बुलाएंगे।
An Indian tourist visited a shop in Vietnam, and the shopkeeper refused to even tell him the prices of products or sell him anything.
— Oppressor (@TyrantOppressor) May 24, 2026
Moments later, he sold the same products to a white man and treated him respectfully.
What do you think is the reason racism against Indians is… pic.twitter.com/FWHWyEzvcx
इसके बाद भी कर्मचारी पहले हंसता हुआ दिखाई देता है और उन्हें बाहर जाने के लिए कहता है। अनंत ने वीडियो में कहा कि उन्हें ऐसा महसूस कराया गया जैसे वह कोई सामान खरीदने नहीं बल्कि भीख मांगने आए हों। यह घटना उनके लिए बेहद दुखद थी क्योंकि विदेश में उनके साथ पहली बार ऐसा व्यवहार हुआ था। हालांकि बाद में मामला बातचीत के जरिए सुलझ गया। अनंत ने बताया कि दोनों ने मोबाइल ट्रांसलेशन की मदद से एक-दूसरे की बात समझने की कोशिश की। बातचीत के दौरान माहौल थोड़ा सामान्य हुआ और आखिर में स्टोर कर्मचारी ने उन्हें सामान लेने की अनुमति दे दी। वीडियो में बाद में दोनों को हाथ मिलाते हुए भी देखा गया। अनंत ने कहा कि हर भेदभाव का जवाब लड़ाई से नहीं बल्कि समझदारी और बातचीत से भी दिया जा सकता है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अगर विदेश में कभी उनके साथ गलत व्यवहार हो तो चुप न रहें। अपने अधिकारों के लिए आवाज जरूर उठाएं, लेकिन कोशिश करें कि मामला शांति और समझदारी से सुलझे। अनंत ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि यह घटना उनके लिए जिंदगी का बड़ा सबक बन गई। उन्होंने कहा कि दुनिया में नस्लभेद का सामना करने वाले लाखों लोगों की तरह उन्होंने भी यह दर्द महसूस किया, लेकिन नफरत की जगह प्यार और बातचीत को चुना। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं।
कई यूजर्स ने अनंत की तारीफ की और कहा कि उन्होंने गुस्से के बजाय परिपक्वता दिखाई। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि वियतनाम में उनके साथ कभी ऐसा अनुभव नहीं हुआ और वहां के लोग आमतौर पर काफी दोस्ताना व्यवहार करते हैं। एक यूजर ने लिखा कि “मुस्कुराहट भी बहुत बड़ी ताकत होती है।” वहीं दूसरे ने कहा कि “आपने जिस तरह स्थिति संभाली, वह काबिल-ए-तारीफ है।” यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर नस्लभेद, विदेशों में भारतीयों की छवि और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकार मांगने की चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
