Lokayan-26: भारतीय नौसेना के INS सुदर्शिनी ने शुरू किया 10 महीने का वैश्विक समुद्री मिशन
punjabkesari.in Tuesday, Jan 20, 2026 - 11:48 PM (IST)
नेशनल डेस्क: 20 जनवरी 2026 को कोच्चि के दक्षिणी नौसेना कमान से भारतीय नौसेना का सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस सुदर्शिनी ने 'लोकायन-26' नाम के भव्य 10 महीने के अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभियान की शुरुआत की। इस मिशन को वाइस एडमिरल समीर सक्सेना ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा सिर्फ एक नौकायन नहीं, बल्कि भारत की समुद्री विरासत, दोस्ती और वैश्विक सहयोग का मजबूत संदेश दुनिया तक पहुंचाने का माध्यम है।
रवानगी के समय मौके पर कई बड़े नौसैनिक अधिकारी, स्कूली बच्चे और चालक दल के परिवार वाले मौजूद थे। वाइस एडमिरल समीर सक्सेना ने स्मारक पट्टिका का अनावरण किया और कहा कि आईएनएस सुदर्शिनी समुद्रों के रास्ते भारत का 'वैश्विक दूत' बनेगा। यह अभियान देशों के बीच मित्रता, विश्वास और सहयोग को नई ऊंचाई देगा। उन्होंने इसे "दोस्ती के सेतु" बनाने वाला अभियान बताया।
कितना लंबा और बड़ा सफर?
- कुल दूरी: 22,000 नॉटिकल मील से ज्यादा
- देश: 13
- बंदरगाह: 18 प्रमुख विदेशी पोर्ट
- समय: लगभग 10 महीने
इस दौरान जहाज फ्रांस के प्रसिद्ध Escale à Sète समुद्री महोत्सव में हिस्सा लेगा। साथ ही जुलाई 2026 में अमेरिका के न्यूयॉर्क में SAIL 250 कार्यक्रम में शामिल होगा, जो अमेरिका की स्वतंत्रता के 250 साल पूरे होने का जश्न है।
स्वदेशी जहाज, विश्व स्तरीय क्षमता
आईएनएस सुदर्शिनी गोवा शिपयार्ड में बना 54 मीटर लंबा पूरी तरह भारतीय जहाज है। इसमें 20 पाल लगे हैं। यह नौसेना के जवानों को पारंपरिक नौकायन, समुद्री संचालन और वास्तविक अनुभव देता है। इस अभियान में 200 से ज्यादा भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड के प्रशिक्षु इस जहाज पर ट्रेनिंग लेंगे।
लोकायन-26 भारत के प्राचीन विचार "वसुधैव कुटुम्बकम्" (पूरी दुनिया एक परिवार है) और MAHASAGAR विजन को समुद्रों के जरिए फैलाएगा। इसका मकसद समुद्रों से सुरक्षा, सहयोग और सतत विकास को बढ़ावा देना है। यह मिशन भारत की समुद्री ताकत, सांस्कृतिक धरोहर और वैश्विक मित्रता को दुनिया के सामने मजबूती से पेश करेगा।
यह अभियान भारतीय नौसेना की नई ऊंचाइयों को छूने वाली एक ऐतिहासिक पहल है, जो समुद्रों को जोड़कर दुनिया को एकजुट करने का संकल्प दिखाता है।
