Gold-Silver Crash: रिकॉर्ड हाई से सोना-चांदी औंधे मुंह गिरा, पिछले 15 दिनों में अब तक सोना 41,000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता तो चांदी 1.83 लाख रुपये सस्ती

punjabkesari.in Friday, Feb 13, 2026 - 01:11 PM (IST)

नेशनल डेस्क:   भारतीय सराफा और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार देर रात सोना और चांदी के भाव में तेज गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों और खरीदारों दोनों को हैरान कर दिया। अप्रैल वायदा सोने में 6,455 रुपये यानी करीब 4.07 प्रतिशत की कमी आई और यह 1,52,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इसी तरह, मार्च वायदा चांदी 25,882 रुपये यानी 9.84 प्रतिशत टूटकर 2,37,136 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।

इस अचानक आई गिरावट का असर सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी 12 फरवरी को सोने और चांदी के भाव में भारी बिकवाली हुई। अमेरिकी बाजार (COMEX) में सोने की कीमतें लगभग 2.3–2.8 प्रतिशत गिरकर 4,940–4,980 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गईं। चांदी की स्थिति और भी गंभीर रही, जिसमें लगभग 8.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसके भाव 75–76 डॉलर प्रति औंस पर सिमट गए।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़ों और ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं के कम होने के संकेतों का परिणाम है। इन संकेतों के बाद निवेशकों ने वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी की जोरदार बिकवाली की, जिससे भारतीय बाजार में भी इसका सीधा असर दिखा।

हालांकि कुछ विश्लेषक मानते हैं कि सोने और चांदी का मूल्य लंबे समय के लिए आकर्षक बना रहेगा। उनका कहना है कि वर्तमान गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का एक अवसर हो सकती है। तकनीकी रूप से देखा जाए तो इनकी कीमतें पहले काफी ऊंची थीं, इसलिए इस तरह की अचानक गिरावट संभावित मानी जा सकती थी।

रिकॉर्ड हाई से सोना-चांदी औंधे मुंह गिरा
इतिहास की बात करें तो 29 जनवरी को MCX पर चांदी 4.20 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर थी, जो अब 2.37 लाख रुपये तक आ गई है, यानी चांदी अपने उच्चतम स्तर से 1.83 लाख रुपये सस्ती हो गई। सोने का रिकॉर्ड हाई 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था, जबकि वर्तमान में यह 1.52 लाख रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है, यानी सोना 41,000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि शुक्रवार को भी भारतीय बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों के लिए रणनीति यही होगी कि लंबी अवधि के नजरिए से गिरावट पर खरीदारी करना फायदेमंद हो सकता है, जबकि शॉर्ट टर्म निवेशक सतर्क रहें।


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Content Editor

Anu Malhotra

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