जंगल की आग से जंग...वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने बरसाया 40 हजार लीटर पानी
punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 02:23 AM (IST)
नेशनल डेस्कः नागालैंड और मणिपुर की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध द्ज़ुको वैली (Dzukou Valley) में लगी भीषण जंगल की आग पर काबू पाने के लिए भारतीय वायुसेना ने बड़ा और साहसिक राहत अभियान चलाया। यह इलाका समुद्र तल से करीब 9,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और बेहद दुर्गम माना जाता है, जहां सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है।
इस चुनौतीपूर्ण इलाके में वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों ने लगातार तीन दिनों तक ऑपरेशन चलाया और कुल मिलाकर लगभग 40,000 लीटर पानी आग प्रभावित क्षेत्रों पर गिराया। इस प्रयास से आग को बड़े पैमाने पर फैलने से रोकने में मदद मिली।
कठिन परिस्थितियों में ऑपरेशन
वायुसेना के पायलटों और क्रू को इस मिशन के दौरान कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जैसे तेज और झोंकेदार हवाएं, धुएं के कारण कम दृश्यता, ऊंचाई पर उड़ान की कठिनाइयां, असमान और पहाड़ी इलाका। इतनी ऊंचाई पर हवा पतली हो जाती है, जिससे हेलिकॉप्टर की लिफ्ट क्षमता लगभग 25–30 प्रतिशत कम हो जाती है। इसका मतलब है कि हेलिकॉप्टर को स्थिर रखना और भारी पानी से भरी बाल्टी उठाना काफी मुश्किल हो जाता है। बावजूद इसके, वायुसेना के पायलटों ने बेहद कुशलता और धैर्य के साथ मिशन पूरा किया।
बैंबी बकेट से बुझाई गई आग
इस अभियान में Mi-17V5 हेलिकॉप्टरों में लगे बैंबी बकेट का इस्तेमाल किया गया। एक बैंबी बकेट में 3,500 लीटर तक पानी भरा जा सकता है। हेलिकॉप्टर पास के जलस्रोतों से पानी उठाकर सीधे आग वाले स्थानों पर गिराते रहे। इससे आग के फैलाव को तेजी से नियंत्रित करने में मदद मिली और आसपास के जंगल को बचाया जा सका। यह तकनीक पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में आग बुझाने के लिए सबसे कारगर मानी जाती है।
Where the air thins, resolve holds firm.
— Indian Air Force (@IAF_MCC) February 1, 2026
At 9,500 ft over Manipur, IAF’s Mi-17 V5s have battled fire, wind and low visibility—delivering 40,000 litres of water over three relentless days.
Vigilant in crisis, steadfast in duty.#HADR #Manipur@DefenceMinIndia@SpokespersonMoD… pic.twitter.com/UnQXuidn3c
वायुसेना का संदेश: ‘संकट में सतर्क, कर्तव्य में अडिग’
भारतीय वायुसेना ने इस अभियान की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए गर्व के साथ लिखा: “जहां हवा विरल होती है, वहां संकल्प दृढ़ रहता है। मणिपुर के ऊपर 9,500 फीट की ऊंचाई पर, भारतीय वायु सेना के Mi-17V5 विमानों ने भीषण आग, तेज हवाओं और कम दृश्यता का सामना करते हुए लगातार तीन दिनों तक 40,000 लीटर पानी पहुंचाया। संकट में सतर्क, कर्तव्य में अडिग।”
इस पोस्ट के साथ हेलिकॉप्टरों की तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए गए, जो इस कठिन मिशन की झलक दिखाते हैं।
पूर्वोत्तर में वायुसेना का लगातार अभियान
मणिपुर का यह ऑपरेशन पूर्वोत्तर भारत में चल रहे हवाई अग्निशमन अभियानों का हिस्सा है। इससे पहले वायुसेना ने अरुणाचल प्रदेश में जंगल की आग बुझाने के लिए 12,000 लीटर पानी गिराया था। जरूरत पड़ने पर वायुसेना लगातार राज्यों की मदद के लिए आगे आ रही है। यह दिखाता है कि भारतीय वायुसेना केवल युद्ध ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं में भी देश की सेवा के लिए तैयार रहती है।
जंगल की आग क्यों बढ़ रही है?
विशेषज्ञों के मुताबिक पूर्वोत्तर में सर्दियों के बाद का मौसम बहुत शुष्क हो जाता है। सूखी घास और पेड़ आसानी से आग पकड़ लेते हैं और कई बार मानवीय लापरवाही या बिजली गिरने से भी आग लग जाती है। ऐसे हालात में वायुसेना की त्वरित कार्रवाई: पर्यावरण को बचाने में मदद करती है, वन्यजीवों को सुरक्षित रखती है और स्थानीय लोगों को भी राहत देती है।
