Vayu Shakti 2026: पोखरण में दिखेगा IAF का दम, राफेल-तेजस-सुखोई दिखाएंगे एयर पावर का जलवा
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 08:11 PM (IST)
नेशनल डेस्क: भारतीय वायु सेना (IAF) 27 फरवरी 2026 को राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण एयर-टू-ग्राउंड फायरिंग रेंज में अपने सबसे बड़े फायरपावर प्रदर्शन ‘एक्सरसाइज वायुशक्ति-2026’ का आयोजन करने जा रही है।यह अभ्यास वायु सेना की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, दुश्मन के ठिकानों पर सटीक प्रहार, शुरुआती चरण में हवाई बढ़त हासिल करने और सामरिक ऑपरेशंस को रणनीतिक सफलता में बदलने की ताकत को प्रदर्शित करेगा।
क्या खास रहेगा इस बार?
वायुशक्ति-2026 केवल युद्ध कौशल का प्रदर्शन नहीं होगा, बल्कि यह वायु सेना की आक्रामक और रक्षात्मक दोनों क्षमताओं को सामने लाएगा।
इसके साथ ही संघर्ष क्षेत्रों से तेज एयरलिफ्ट ऑपरेशन,राहत एवं बचाव अभियान और आपदा प्रबंधन और निकासी मिशन जैसे मानवीय अभियानों में IAF की भूमिका भी दिखाई जाएगी।
100 से ज्यादा विमान लेंगे हिस्सा
इस मेगा अभ्यास में 100 से अधिक एयरक्राफ्ट शामिल होंगे, जिनमें लगभग 77 फाइटर जेट,करीब 43 हेलीकॉप्टर और 8 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट।
प्रमुख लड़ाकू विमान
- राफेल
- तेजस
- सुखोई-30 एमकेआई
- मिराज-2000
- जगुआर
- मिग-29
- हेलीकॉप्टर
- अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर
- चिनूक हेवी-लिफ्ट
- एलसीएच ‘प्रचंड’
- एएलएच एमके-IV
- एमआई-17
- चेतक
- ट्रांसपोर्ट विमान
- C-17 ग्लोबमास्टर
- C-130J सुपर हरक्यूलिस
- C-295
इसके अलावा हॉक एडवांस्ड जेट ट्रेनर और रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) भी अभ्यास का हिस्सा होंगे।
आधुनिक हथियारों की ताकत
इस अभ्यास में आधुनिक और स्वदेशी हथियार प्रणालियों का व्यापक उपयोग होगा, जिनमें शॉर्ट रेंज लोइटरिंग म्यूनिशंस (SRLM),आकाश मिसाइल सिस्टम,स्पाइडर एयर डिफेंस सिस्टम और काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम (CUAS) शामिल हैं। दिन, शाम और रात – तीनों समय मिशन संचालित किए जाएंगे।
कुल मिलाकर 277 हथियारों का उपयोग किया जाएगा। करीब 11,835 किलोग्राम नेट एक्सप्लोसिव क्वांटिटी (NEQ),43 फायरिंग सीक्वेंस,23 लक्ष्यों पर सटीक हमले,अभ्यास में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता से जुड़े सिमुलेटेड सटीक हमलों की झलक भी दिखाई जाएगी।
आत्मनिर्भर भारत और मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस
वायुशक्ति-2026 में स्वदेशी प्लेटफॉर्म्स जैसे तेजस और एलसीएच प्रचंड की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। यह अभ्यास लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता, मल्टी-डोमेन युद्ध संचालन और तकनीकी आत्मनिर्भरता के विजन को दर्शाएगा। ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ की अवधारणा पर आधारित यह प्रदर्शन राष्ट्रीय सुरक्षा में भारतीय वायु सेना की केंद्रीय भूमिका को मजबूत संदेश देगा।
क्यों अहम है यह अभ्यास?
- युद्ध तैयारियों का सार्वजनिक प्रदर्शन
- आधुनिक हथियारों की क्षमता का परीक्षण
- रणनीतिक और मानवीय मिशनों का संयोजन
- देशवासियों में सुरक्षा को लेकर भरोसा मजबूत करना
वायुशक्ति-2026 यह स्पष्ट संदेश देगा कि भारतीय वायु सेना किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
