नई दिल्ली में होगी 12वीं ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की बैठक, भारत करेगा मेजबानी
punjabkesari.in Tuesday, Aug 18, 2026 - 08:38 AM (IST)
नई दिल्ली : भारत मंगलवार को राजधानी नई दिल्ली में 12वीं BRICS पर्यावरण मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक की मेजबानी करने जा रहा है। इस सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु के प्रति लचीलापन और टिकाऊ विकास जैसे अति-महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर रणनीति तैयार करेंगे।
इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव करेंगे। इससे पहले ब्रिक्स के पर्यावरण वर्किंग ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारियों और जलवायु परिवर्तन व टिकाऊ विकास पर संपर्क समूह की बैठकें होंगी। चर्चाएं भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता की मुख्य थीम लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण के तहत होंगी। उम्मीद है कि यह बैठक ब्रिक्स सदस्य देशों को पर्यावरण से जुड़ी गंभीर चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने, आम सहमति बनाने और व्यावहारिक सहयोग को मज़बूत करने का मंच प्रदान करेगी।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अनुसार भारत ने ब्रिक्स पर्यावरण वर्किंग ग्रुप के तहत विशेष रूप से ध्यान देने के लिए कुछ मुख्य क्षेत्रों की पहचान की है। इनमें टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देना, वृक्षारोपण, जंगल की आग का प्रबंधन और आपदा के प्रति लचीलापन, सर्कुलर इकोनॉमी और अनुकूलन (अडैप्टेशन) शामिल हैं।
ये प्राथमिकताएं पर्यावरण संरक्षण को टिकाऊ विकास और जलवायु के प्रति लचीलेपन से जोड़ने पर भारत के ज़ोर को दर्शाती हैं। चर्चाओं से ब्रिक्स देशों के बीच नीतियों, तकनीकों, अनुभवों और सर्वोत्तम तौर-तरीकों के ज़्यादा से ज़्यादा आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता का उपयोग विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के लिए करना चाहता है। इन मुद्दों में जलवायु अनुकूलन, इकोसिस्टम की बहाली, संसाधनों का कुशल उपयोग और आपदा के प्रति लचीलापन शामिल हैं। मंत्रिस्तरीय स्तर की इन चर्चाओं से वरिष्ठ अधिकारियों और वर्किंग ग्रुप्स के बीच चल रही बातचीत को आगे बढ़ाने और भारत की 2026 की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स के पर्यावरण एजेंडे को मज़बूत करने की उम्मीद है।
इससे पहले सोमवार को भारत ने इस बात पर ज़ोर दिया था कि ब्रिक्स गठबंधन अब केवल आर्थिक बातचीत तक सीमित नहीं रहा है बल्कि पर्यावरण के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों जैसे कि बढ़ता प्रदूषण, जैव विविधता का नुकसान और ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए अपना नज़रिया तय करने वाला एक प्रभावशाली मंच बन गया है।
यहां भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स पर्यावरण कार्य समूह-वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार ने की। इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने हिस्सा लिया।
