UNSC में भारत की दावेदारी पर चीन ने तोड़ी चुप्पी, दिया Shocking जवाब, छिड़ गई नई चर्चा
punjabkesari.in Thursday, Jul 16, 2026 - 07:16 PM (IST)
International Desk: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 2028-29 अवधि के लिए अस्थायी सदस्यता हासिल करने की भारत की दावेदारी पर चीन की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। चीन ने कहा है कि उसने भारत के अभियान से जुड़ी "प्रासंगिक खबरों पर गौर किया है", लेकिन फिलहाल उसने भारत के समर्थन या विरोध में कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने गुरुवार को नियमित प्रेस वार्ता में भारत की उम्मीदवारी पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, "चीन ने इससे जुड़ी खबरों पर गौर किया है।" हालांकि उन्होंने इससे आगे कोई टिप्पणी नहीं की।
दरअसल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 14 जुलाई को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 2028-29 के लिए सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता हासिल करने के भारत के आधिकारिक चुनाव अभियान की शुरुआत की थी। इस कार्यक्रम में कई देशों के राजदूत, वरिष्ठ राजनयिक और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी मौजूद थे। अपने संबोधन में जयशंकर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के प्रति भारत का दृष्टिकोण "शांति, नियमों के सम्मान, विश्वास और सत्यनिष्ठा" पर आधारित है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि भारत सुरक्षा परिषद का सदस्य चुना जाता है तो उसकी प्राथमिकताएं वैश्विक शांति, विकासशील देशों की आवाज़ को मजबूत करना, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना होंगी।
2028-29 के कार्यकाल के लिए चुनाव जून 2027 में होंगे। एशिया-प्रशांत समूह की एकमात्र सीट के लिए भारत का मुकाबला ताजिकिस्तान से होगा।चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में शामिल है और उसके पास वीटो अधिकार भी है। हालांकि उसने अब तक सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन नहीं किया है। इसके विपरीत, अमेरिका, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन पहले ही सुधारों के बाद सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन कर चुके हैं।भारत इससे पहले आठ बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है। उसका सबसे हालिया कार्यकाल 2021-22 का था। इससे पहले भारत 1950-51, 1967-68, 1972-73, 1977-78, 1984-85, 1991-92 और 2011-12 में भी सुरक्षा परिषद का सदस्य रह चुका है।
