भारत-चीन दोस्ती की नई पहल, राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पर मोदी-शी ने भेजे बधाई संदेश
punjabkesari.in Tuesday, Apr 01, 2025 - 06:49 PM (IST)

Bejing: पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के कारण चार साल से अधिक समय तक रिश्तों में आई कड़वाहट को कम करने के प्रयासों के बीच भारत तथा चीन के नेताओं ने मंगलवार को द्विपक्षीय संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर बधाई संदेशों का आदान-प्रदान किया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बीजिंग में संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘आज भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ है।'' उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अलावा चीनी प्रधानमंत्री ली क्विंग और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बधाई संदेशों का आदान-प्रदान किया।
गुओ ने कहा कि दोनों देश की प्राचीन सभ्यताएं काफी मिलती-जुलती हैं, दोनों प्रमुख विकासशील देश और ग्लोबल साउथ के महत्वपूर्ण सदस्य हैं और दोनों आधुनिकीकरण के महत्वपूर्ण चरण में हैं। उन्होंने कहा कि हमारे द्विपक्षीय संबंधों का इतिहास दिखाता है कि एक-दूसरे की सफलता में साझेदार बनना दोनों पक्षों के लिए सही है। गुओ ने कहा कि हमारे दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन में चीन द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य में देखने और इसे बनाए रखने के लिए भारत के साथ काम करने को तैयार है और इस मौके को रणनीतिक आपसी विश्वास को बढ़ाने तथा विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत करने के अवसर के रूप में लेता है।
वह इस बात का जिक्र कर रहे थे कि कैसे मोदी और शी ने पिछले साल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के कजान में अपनी बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान किया था। दोनों देशों द्वारा राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाने की योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए इस अवसर का फायदा उठाने के इच्छुक हैं।