Farmers Protest: पांचवें दौर की बातचीत में भी नहीं निकला हल, 9 दिसंबर को फिर बुलाई बैठक

punjabkesari.in Saturday, Dec 05, 2020 - 08:34 PM (IST)

नेशनल डेस्कः किसानों और सरकार के बीच पांचवें दौर की बातचीत के बाद भी कोई हल नहीं निकल सका। करीब पांच घंटे तक चली बैठक बेनतीजा रही। सरकार ने अगली बैठक के लिए 9 दिसंबर का तय किया है। बैठक के दौरान किसानों ने सरकार के सामने मौन प्रदर्शन करते हुए प्लेकार्ड लेकर बैठ गए, जिस पर ‘Yes और No’ लिखा था। किसानों ने बातचीत के दौरान केंद्र से कहा कि बहुत बैठकें हो चुकी हैं अब हल चाहिए। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि कानूनों की बैठक में उपस्थित किसान नेताओं से अपील की कि मैं आप सभी से वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों से, विरोध स्थल से, घर जाने की अपील करता हूं।

सरकार दे रही आश्वासन 
किसान लगातार नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार इनमें संशोधन करने के लिए आश्वासन दे रही है। सरकार की ओर से कहा गया है कि वह नए प्रदूषण कानून और बिजली कानून पर विचार करने को तैयार है। वहीं एमएसपी को लेकर सरकार ने कहा कि वह इसपर भी विचार को तैयार है। एपीएमसी को लेकर सरकार की ओर लगातार यही कहा जा रहा कि एपीएमसी को खत्म नहीं किया जाएगा।
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किसानों ने 8 को बुलाया 'भारत बंद'
वहीं, किसान नेताओं ने सोमवार (8 दिसंबर) को भारत बंद का ऐलान किया है। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यदि केंद्र सरकार शनिवार की वार्ता के दौरान उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती है, तो वे नए कृषि कानूनों के खिलाफ अपने आंदोलन को तेज करेंगे। भारतीय किसान यूनियन के महासचिव हरिंदर सिंह लखवाल ने कहा, ‘‘आज की हमारी बैठक में हमने आठ दिसम्बर को ‘भारत बंद' का आह्वान करने का फैसला किया और इस दौरान हम सभी टोल प्लाजा पर कब्जा भी कर लेंगे।''

पीएम मोदी ने संभाली कमान
सरकार और किसान संगठनों के बीच पांचवे दौर की अहम बातचीत से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सहित केंद्रीय मंत्रियों ने प्रदर्शनकारियों के समक्ष दिए जाने वाले संभावित प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सूत्रों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी । सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ इस दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे। सूत्रों ने बताया कि सरकार द्वारा प्रस्ताव और संभावित छूट की पेशकश संबंधी जानकारी किसान नेताओं को देने के बाद कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों और केंद्रीय मंत्रियों की पांचवे दौर की बातचीत दोपहर बाद प्रस्तावित है।

इससे पहले प्रदर्शनकारी किसानों की मांगे को सुलझाने को लेकर राजनाथ सिंह और अमित शाह ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ विचार विमर्श किया। सूत्रों ने बताया कि मोदी का केंद्रीय मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श किसानों के प्रदर्शन को खत्म कराने की केंद्र की कोशिश को दिखाता है और यह इसलिए भी अहम है कि प्रधानमंत्री स्वयं संकट को सुलझाने में सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब मोदी ने अपने मंत्रियों से इस मुद्दे पर चर्चा की है। उल्लेखनीय है कि नए कृषि कानूनों को लेकर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए बृहस्पतिवार को किसान संगठनों और सरकार के बीच हुई चौथे दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी। 


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Yaspal

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