दिल की मरम्मत अब खुद करेगा शरीर! इस एक खोज से बच सकती है करोड़ों लोगों की जान: स्टडी में खुलासा

punjabkesari.in Tuesday, Jan 20, 2026 - 11:35 AM (IST)

नेशनल डेस्क: चिकित्सा जगत में एक ऐसी ऐतिहासिक खोज हुई है जो आने वाले समय में Heart Failure के मरीजों के लिए वरदान साबित हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने दुनिया में पहली बार यह प्रमाणित किया है कि मानव हृदय हार्ट अटैक के बाद अपनी मांसपेशियों की कोशिकाओं (Muscle Cells) को दोबारा पैदा करने की क्षमता रखता है।

चूहों के बाद अब इंसानों में भी दिखा चमत्कार

अब तक चिकित्सा विज्ञान में यह माना जाता था कि हार्ट अटैक के दौरान हृदय की जो कोशिकाएं मर जाती हैं, वे हमेशा के लिए खत्म हो जाती हैं और उनकी जगह 'स्कार टिश्यू' (घाव के निशान) ले लेते हैं। इससे हृदय की पंप करने की क्षमता स्थायी रूप से कम हो जाती थी।

'सर्कुलेशन रिसर्च' (Circulation Research) जर्नल में प्रकाशित इस शोध ने पुरानी मान्यताओं को बदल दिया है। सिडनी विश्वविद्यालय के रिसर्च फेलो रॉबर्ट ह्यूम के अनुसार, "यह प्रक्रिया पहले केवल चूहों में देखी गई थी, लेकिन अब पहली बार इंसानों में भी मांसपेशियों की कोशिकाओं के पुनर्जनन के प्रमाण मिले हैं।"

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कैसे हुई यह बड़ी खोज?

वैज्ञानिकों ने सिडनी के रॉयल प्रिंस अल्फ्रेड अस्पताल में बाईपास सर्जरी कराने वाले मरीजों के जीवित हृदय ऊतकों (Living Heart Tissues) के नमूनों का अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि हार्ट अटैक के बाद हृदय में माइटोसिस (Mitosis) की प्रक्रिया शुरू होती है, जिसमें कोशिकाएं विभाजित होकर अपनी संख्या बढ़ाती हैं।

भविष्य की उम्मीद

इस रिसर्च के सीनियर लेखक और कार्डियोलॉजिस्ट प्रोफेसर सीन लाल ने बताया कि इस खोज का अंतिम लक्ष्य ऐसी थेरेपी विकसित करना है, जो हृदय की प्राकृतिक सुधार प्रक्रिया को और तेज कर सके। यदि ऐसा संभव हुआ, तो भविष्य में दवाइयों या उपचार के जरिए हार्ट फेलियर को पूरी तरह 'रिवर्स' (ठीक) किया जा सकेगा।


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News Editor

Radhika

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