Rahul Gandhi Fitness Secret : 55 की उम्र में भी कैसे इतने फिट हैं राहुल गांधी? संसद में खुद बताया राज
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 05:00 PM (IST)
नेशनल डेस्क : कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की फिटनेस को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। 55 वर्ष की उम्र में भी उनकी ऊर्जा और फिट शरीर को देखकर लोग जानना चाहते हैं कि वह खुद को इतना एक्टिव कैसे रखते हैं। हाल ही में संसद में बजट चर्चा के दौरान इस सवाल का जवाब खुद राहुल गांधी ने दिया।
11 फरवरी को चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उनकी फिटनेस को लेकर टिप्पणी की, जिस पर राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए कहा कि उनकी फिटनेस का राज मार्शल आर्ट्स है। उन्होंने बताया कि वह नियमित रूप से मार्शल आर्ट्स का अभ्यास करते हैं, जो उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखता है।
क्या है मार्शल आर्ट्स?
मार्शल आर्ट्स केवल लड़ाई की कला नहीं है, बल्कि यह शरीर और मन को संतुलित करने का एक अनुशासित तरीका है। इसमें कई विधाएं शामिल हैं, जैसे कराटे, कुंग फू, जूडो, जूजित्सु, ताइक्वांडो और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA)। यह अभ्यास व्यक्ति को आत्मरक्षा के साथ-साथ आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता भी सिखाता है।
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मार्शल आर्ट्स में तकनीक, संतुलन और नियंत्रण बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इसमें ग्रिप (पकड़), मूवमेंट और शरीर के संतुलन पर खास ध्यान दिया जाता है। सही तकनीक के साथ प्रतिद्वंद्वी को कंट्रोल करना सिखाया जाता है। हालांकि इसका उद्देश्य केवल मुकाबला नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्मसंयम विकसित करना भी है।
मार्शल आर्ट्स से फिटनेस कैसे मिलती है?
मार्शल आर्ट्स का नियमित अभ्यास शरीर के हर हिस्से को सक्रिय करता है। इसमें स्क्वैट्स, पुश-अप्स, प्लैंक्स, किक्स और पंच जैसी एक्सरसाइज शामिल होती हैं, जिससे ताकत और स्टैमिना बढ़ता है। यह एक फुल-बॉडी वर्कआउट है जो मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और शरीर को संतुलित रखता है।
यह अभ्यास दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। नियमित ट्रेनिंग से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और हृदय मजबूत बनता है। इसके अलावा, एक घंटे की ट्रेनिंग में अच्छी-खासी कैलोरी बर्न होती है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। मार्शल आर्ट्स लचीलापन भी बढ़ाता है। लगातार स्ट्रेचिंग और मूवमेंट से शरीर की जकड़न कम होती है और फुर्ती बढ़ती है। साथ ही, हर मूव पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होती है, जिससे एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है।
मानसिक लाभ भी उतने ही महत्वपूर्ण
मार्शल आर्ट्स केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है। यह मानसिक मजबूती भी बढ़ाता है। नियमित अभ्यास से आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्ति चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से कर पाता है। ट्रेनिंग के दौरान शरीर में एंडोर्फिन रिलीज होते हैं, जिससे तनाव कम होता है और मूड बेहतर होता है।
इसके अलावा, मार्शल आर्ट्स अनुशासन और आत्मनियंत्रण सिखाता है। लगातार अभ्यास से इच्छाशक्ति मजबूत होती है और व्यक्ति अपने शरीर व मन पर बेहतर नियंत्रण विकसित करता है।
