प्रदूषण का तांडव: 5 नवंबर से निर्माण कार्यों पर रोक- सरकारी-प्राइवेट दफ्तरों के लिए नया नियम: 50% स्टाफ ही आएगा दफ्तर

punjabkesari.in Wednesday, Nov 04, 2026 - 08:44 AM (IST)

गुरुग्राम: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में हवा की गुणवत्ता लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच रही है। बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए गुरुग्राम जिला प्रशासन ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कई कड़े और नए प्रतिबंध लागू करने का फैसला किया है। 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) के दिशा-निर्देशों के तहत जिले में 5 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक धूल उड़ाने वाली सभी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

 निर्माण कार्यों पर सख्त पाबंदी: जानें किन परियोजनाओं को मिली है छूट
प्रशासन के इस आदेश के तहत ऐसी सभी सरकारी और गैर-सरकारी बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं पर काम बंद रहेगा, जिनसे धूल उड़ती है। इसमें मुख्य रूप से सड़कों, राजमार्गों, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और पाइपलाइन बिछाने जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। हालांकि, आम जनता की सहूलियत और राष्ट्रीय महत्व से जुड़े कार्यों को ध्यान में रखते हुए कुछ आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को इन पाबंदियों से बाहर रखा गया है:

इस आदेश के अनुसार, केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय आकर काम कर सकेंगे, जबकि बाकी कर्मचारी दूर से (रिमोटली) काम करेंगे। उपायुक्त उत्तम सिंह ने मंगलवार को ये निर्देश जारी किए और स्पष्ट किया कि तय अवधि के दौरान सभी संबंधित संस्थानों को इन पाबंदियों का पालन करना होगा।

गुरुग्राम में 5 नवंबर से 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर रोक
यह रोक बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) से जुड़ी उन परियोजनाओं पर लागू होती है, जिनमें निर्माण या तोड़फोड़ के दौरान धूल उड़ती है। इनमें राजमार्ग, सड़कें, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पाइपलाइन और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं। हालांकि, प्रशासन ने कुछ जरूरी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परियोजनाओं को इस रोक से छूट दी है, ताकि महत्वपूर्ण सेवाओं और बुनियादी ढांचे के कार्यों में कोई रुकावट न आए।

औद्योगिक इकाइयों और आवश्यक सेवाओं को इन पाबंदियों से बाहर रखा गया है। रेलवे, मेट्रो परियोजनाओं, हवाई अड्डों, अस्पतालों, जलापूर्ति प्रणालियों, स्वच्छता सुविधाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े निर्माण कार्यों को जारी रखने की अनुमति होगी। यह छूट इसलिए दी गई है ताकि प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रशासन के प्रयासों के बीच भी जरूरी बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें।

दफ्तरों में 50% 'वर्क-फ्रॉम-होम'  
प्रशासन ने गुरुग्राम में काम कर रहे हरियाणा सरकार के कार्यालयों और निजी दफ्तरों के लिए 50 प्रतिशत उपस्थिति का नियम अनिवार्य कर दिया है। इस निर्देश के तहत, संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक समय में उनके आधे से अधिक कर्मचारी कार्यस्थल पर न आएं। आदेश की अवधि के दौरान बाकी कर्मचारियों को घर से काम करना होगा।

नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए, प्रशासन ने संबंधित उप-विभागीय मजिस्ट्रेटों (SDM) और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। ये अधिकारी रोजाना निरीक्षण करेंगे ताकि यह जांचा जा सके कि निर्माण कार्य और कार्यालय में उपस्थिति से जुड़े इंतजाम आदेशों के अनुरूप हैं या नहीं।  


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Content Editor

Anu Malhotra

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