WhatsApp को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, ये अकाउंट और डिवाइस ID होंगे ब्लॉक

punjabkesari.in Saturday, Mar 21, 2026 - 12:42 PM (IST)

नेशनल डेस्क : केंद्र सरकार ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने उन डिवाइस को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है, जिनका इस्तेमाल करके साइबर ठग फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर लोगों को ठगते हैं। इस कदम का उद्देश्य लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाना और साइबर अपराध पर रोक लगाना है।

I4C की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया फैसला

यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय ने Indian Cyber ​​Crime Coordination Centre (I4C) की रिपोर्ट के आधार पर लिया है। रिपोर्ट में सामने आया कि ठग व्हाट्सएप पर नए-नए अकाउंट बनाकर लोगों को कॉल या मैसेज करते हैं और उन्हें डराकर या झांसा देकर पैसे ऐंठते हैं। हर बार पकड़े जाने के बाद ये ठग नया अकाउंट बना लेते हैं, जिससे उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।

अब डिवाइस को किया जाएगा ब्लॉक

सरकार अब उन मोबाइल डिवाइस पर कार्रवाई करेगी, जिनसे बार-बार नए व्हाट्सएप अकाउंट बनाए जा रहे हैं। ऐसे फोन को ब्लॉक किया जाएगा ताकि ठग उसी डिवाइस से आगे कोई धोखाधड़ी न कर सकें। इस कदम से साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें - दिन में होगा अंधेरा... इस दिन लगेगा साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण

व्हाट्सएप और अन्य ऐप्स की सुरक्षा पर काम

सरकार मैसेजिंग ऐप्स की सुरक्षा को और मजबूत करने पर भी काम कर रही है। आने वाले समय में व्हाट्सएप जैसे ऐप्स में नए सेफ्टी फीचर्स जोड़े जा सकते हैं, ताकि यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। साथ ही, डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे किसी भी अपराध की जांच में मदद मिल सके।

फर्जी ऐप और APK पर भी नजर

सरकार अब उन फर्जी ऐप्स और मैलिशियस APK फाइल्स को भी ब्लॉक करने की तैयारी कर रही है, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता है। इन खतरनाक ऐप्स के जरिए हैकर्स लोगों के फोन तक पहुंच बनाकर उनकी जानकारी चुरा सकते हैं या उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं।

डिवाइस ID क्या होती है?

डिवाइस ID एक यूनिक नंबर होता है, जो हर मोबाइल या गैजेट को उसकी पहचान देने के लिए दिया जाता है। यह कुछ हद तक आधार नंबर की तरह होता है। इसमें कई प्रकार की पहचान शामिल होती है जैसे—

  • IMEI नंबर : मोबाइल की पहचान के लिए
  • MAC एड्रेस : इंटरनेट या नेटवर्क कनेक्शन की पहचान
  • सीरियल नंबर : कंपनी द्वारा दिया गया यूनिक नंबर
  • एडवर्टाइजिंग ID : ऐप्स और विज्ञापनों के लिए इस्तेमाल होने वाला नंबर

इन सभी IDs की मदद से किसी भी डिवाइस को ट्रैक और पहचानना आसान हो जाता है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Mehak

Related News