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ऑफ द रिकॉर्डः कड़की के दौर में सरकारी बैंक ने खरीदी तीन ऑडी कारें, PMO आगबबूला

2020-07-07T04:40:28.307

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री कार्यालय सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक पर आगबबूला है। हुआ यह कि कोरोना की मार से डगमगाई अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए केंद्र सरकार जब एक-एक पैसे का हिसाब लेकर अपने विभागों के हर तरह के फालतू खर्चे घटा रही है तो ऐसे में इस सार्वजनिक बैंक के प्रबंधन ने अपने शीर्ष अधिकारियों के आने-जाने के लिए तीन ऑडी लग्जरी कारें खरीद लीं। इन तीनों कारों के लिए 1.30 करोड़ रुपए चुकाए गए। जैसे ही यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंची तो वहां के अधिकारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा और संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी ने वित्त मंत्रालय को खरी-खोटी सुनाई।

इसके बाद वित्त मंत्रालय के अंतर्गत वित्त सेवाएं विभाग (डी.एफ.एस.) की ओर से 17 जून को सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों के प्रमुखों के लिए असाधारण एडवाइजरी दागी गई। इस एडवाइजरी में उन्हें निर्देश दिया गया कि वे अपने वित्तीय संसाधनों का मूल कारोबारी गतिविधियों के लिए सकारात्मक उपयोग सुनिश्चित करें। डी.एफ.एस. ने सरकारी बैंकों से कहा कि वे टाले जा सकने वाले सभी खर्चे बंद कर दें, जैसे स्टाफ के लिए नई कारें खरीदना या गैस्ट हाऊसों की मुरम्मत और रंगाई-पुताई आदि।

बैंकों से यह भी कहा गया कि वे प्रशासनिक कार्यालयों और बैक ऑफिसों, जहां कस्टमर का आना-जाना नहीं रहता, में सजावटी या इंटीरियर के बेमतलब के कामों को बिल्कुल रोक दें। इतना ही नहीं, डी.एफ.एस. ने बैंकों से यह भी कहा है कि वे अपने स्टाफ के लिए किराए पर लिए गए वाहनों की संख्या की भी समीक्षा करें। यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि जो गाडिय़ां स्टाफ इस्तेमाल कर रहा है, क्या उनसे बैंक को आय का कोई फायदा हो रहा है या नहीं। 

डी.एफ.एस. ने बैंकों से कहा कि वे अधिकारियों की यात्राएं टालें, डिजीटल माध्यम अपनाएं तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्रशासनिक अधिकारियों का प्रभावी ढंग से उपयोग करें। हां, बैंकों को यह छूट जरूर दी गई है कि वे न टाले जा सकने वाले बेहद जरूरी कामों के लिए खर्च कर सकते हैं। एक सार्वजनिक बैंक द्वारा ऑडी खरीदने की ‘धृष्टता’ के कारण सरकार द्वारा सभी सरकारी बैंकों की लगाम कस देने से अन्य सार्वजनिक बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी उससे नाराज हैं कि उसकी गलती की सजा उन सभी को मिल रही है। वैसे जो तीन ऑडी कारें बैंक खरीद चुका है, उन्हें पी.एम.ओ. के तेवर दिखाए जाने के बाद गैरेज में खड़ा करवा दिया गया है।  


Pardeep

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