Periods खत्म होने से पहले क्यों अकड़ने लगते हैं महिलाओं के कंधे? फ्रोजन शोल्डर बन रहा बड़ी समस्या, रोजमर्रा के काम मुश्किल... जानें कारण और इलाज

punjabkesari.in Sunday, Jun 07, 2026 - 02:08 PM (IST)

नेशनल डेस्क: कंधे का दर्द और जकड़न आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है, जिसे मेडिकल भाषा में ‘फ्रोजन शोल्डर’ या ‘एडहेसिव कैप्सुलिटिस’ कहा जाता है। यह स्थिति धीरे-धीरे कंधे की गति को सीमित कर देती है, जिससे रोजमर्रा के काम जैसे हाथ उठाना या करवट लेना भी मुश्किल हो जाता है।

क्या है फ्रोजन शोल्डर?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या तब होती है जब कंधे का कैप्सूल सख्त और मोटा हो जाता है, जिससे जोड़ की मूवमेंट कम हो जाती है। इसमें दर्द और जकड़न धीरे-धीरे बढ़ती है और यह महीनों तक चल सकती है।

तीन चरणों में विकसित होती है समस्या
फ्रोजन शोल्डर आमतौर पर तीन चरणों में बढ़ता है—फ्रीज़िंग, फ्रोजन और थॉइंग स्टेज। यह स्थिति कई महीनों से लेकर 1-2 साल तक रह सकती है, जिसमें शुरुआत में दर्द और बाद में अधिक जकड़न महसूस होती है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा?
यह समस्या 40 से 60 वर्ष की महिलाओं में अधिक देखी जाती है। लंबे समय तक कंधे की कम मूवमेंट, चोट या रिकवरी के दौरान भी इसका जोखिम बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, हर साल लाखों लोग इससे प्रभावित होते हैं।

मेनोपॉज से संभावित संबंध
रिसर्च में पाया गया है कि मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन में गिरावट फ्रोजन शोल्डर के खतरे को बढ़ा सकती है। यह हार्मोन सूजन और टिश्यू सख्त होने को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे इसकी कमी समस्या को बढ़ा सकती है।

इलाज और बचाव
फिजियोथेरेपी, हल्के स्ट्रेचिंग व्यायाम और शॉकवेव थेरेपी से इस स्थिति में सुधार संभव है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शुरुआती लक्षणों पर ध्यान देकर समय पर इलाज शुरू करना जरूरी है, ताकि जकड़न गंभीर न हो।


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Content Editor

Purnima Singh

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