आज मुंबई पहुंचेंगे फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, PM मोदी करेंगे स्वागत, जानें पूरा एजेंडा
punjabkesari.in Monday, Feb 16, 2026 - 06:18 AM (IST)
नेशनल डेस्कः भारत और फ्रांस के मजबूत कूटनीतिक रिश्तों को और आगे बढ़ाने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन सोमवार 16 फरवरी को दो दिन के भारत दौरे पर मुंबई पहुंच रहे हैं। इस दौरे के दौरान उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी। माना जा रहा है कि पीएम मोदी खुद एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत कर सकते हैं।
देर रात पहुंचेंगे, 17 फरवरी से शुरू होगा आधिकारिक कार्यक्रम
राष्ट्रपति मैक्रों 16 फरवरी की रात लगभग 11:30 बजे मुंबई पहुंचेंगे। हालांकि उनका आधिकारिक कार्यक्रम 17 फरवरी से शुरू होगा। 17 फरवरी को मुंबई में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। इस बैठक में रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
रक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर रहेगा फोकस
बताया जा रहा है कि बैठक में भारत-फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर बात हो सकती है। इसके अलावा उन्नत तकनीक, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल रहेंगे। भारत और फ्रांस लंबे समय से रणनीतिक साझेदार हैं और दोनों देश मिलकर कई रक्षा परियोजनाओं और तकनीकी कार्यक्रमों पर काम कर रहे हैं।
AI इम्पैक्ट समिट में भी लेंगे हिस्सा
मुंबई में द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों शीर्ष नेता साथ में नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। नई दिल्ली में वे “एआई इम्पैक्ट समिट 2026” में हिस्सा लेंगे। इस समिट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), नई तकनीकों और डिजिटल सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
हॉरिजन 2047 रोडमैप पर चर्चा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे के दौरान दोनों नेता “हॉरिजन 2047” रोडमैप के तहत तय किए गए सहयोग के क्षेत्रों की समीक्षा करेंगे। इस रोडमैप का उद्देश्य 2047 तक भारत-फ्रांस साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। इसमें रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत
दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। खासकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। यह दौरा भारत और फ्रांस के बीच भरोसे, सहयोग और दीर्घकालिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
