दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत 6 गिरफ्तार, DJB टेंडर घोटाले में ACB का एक्शन
punjabkesari.in Wednesday, Aug 19, 2026 - 05:02 AM (IST)
नेशनल डेस्कः दिल्ली पुलिस की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के आधुनिकीकरण में कथित बड़े पैमाने की अनियमितताओं और आपराधिक साजिश के मामले में आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार कर लिया है।
The Anti-Corruption Branch (ACB), Government of NCT of Delhi has arrested six accused persons:
— ANI (@ANI) August 18, 2026
1. Satyendar Kumar Jain, former Minister of Water, GNCTD,
2. Udit Prakash Rai (IAS), former CEO, Delhi Jal Board,
3. Ankit Srivastava, former contractual consultant, Delhi Jal Board… pic.twitter.com/Q2hxt1Ofgt
इस मामले में सत्येंद्र जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ व पूर्व आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय, पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव और तीन निजी संस्थाओं/कंपनियों के मालिकों नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुरर एवं पंकज वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी प्रमुख एवं संयुक्त पुलिस आयुक्त विक्रमजीत सिंह के बयान के अनुसार, ये गिरफ्तारियां एफआईआर संख्या 10/2024 दिनांक 11.05.2024 के संबंध में की गयी थीं, जो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (जैसा 2018 में संशोधित किया गया) की धाराओं 7/7ए/9/13 के साथ धारा 420/409/418/120-बी आईपीसी के तहत पीएस भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, जीएनसीटीडी में पंजीकृत है।
जांच में सामने आया कि एसटीपी टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी शर्तों और नियमों में जानबूझकर फेरबदल किया गया था। टेंडर की शर्तें इस तरह तैयार की गईं, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित हो जाए और एक खास निजी टेक्नोलॉजी प्रदाता कंपनी‘मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड'को अनुचित लाभ पहुंचाया जा सके।
जांच अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित पायलट स्टडी को पूरा न करना, तकनीकी मापदंडों में बदलाव और उपचारित पानी के आवश्यक मानकों को हटाना जैसी अनियमितताएं पायी गयीं, जिससे सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण से पता चला कि टेंडर की शर्तें तय करने और संशोधन जारी करने में निजी व्यक्तियों, बिचौलियों और सरकारी अधिकारियों के बीच नियमित साठगांठ थी, ताकि टेंडर केवल पसंदीदा कंपनी को ही मिले। वित्तीय जांच में रिश्वत और कमीशन के पैसे के लेनदेन की पूरी शृंखला उजागर हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोटेक कंपनी से जुड़ी संस्थाओं से फंड नागेंद्र यादव की प्रोप्राइटरशिप फर्म‘ए.एन. एंटरप्राइजेस'और‘सृजनहार'के जरिये हस्तांतरित किया गया। इस माध्यम से तत्कालीन सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में लगभग 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत भेजी गई, जिसका इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया गया।
इन सभी दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्यों तथा पूछताछ के बाद एसीबी ने 18 अगस्त 2026 को छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल जांच एजेंसियां अपराध की पूरी कमाई और इस साजिश में शामिल अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं।
