रूस से कच्चे तेल के आयात पर विदेश सचिव विनय क्वात्रा बोले- इसको लेकर भारत पर कोई दबाव नहीं है

punjabkesari.in Friday, Jun 24, 2022 - 06:39 PM (IST)

नई दिल्लीः विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने शुक्रवार को कहा कि कच्चे तेल की खरीद के लिए भारत की व्यापारिक व्यवस्था देश की ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित होती है और इस बारे में भारत के रूख को विश्व समुदाय अच्छी तरह से समझता है। क्वात्रा से संवाददाताओं ने पूछा था कि जर्मनी में आसन्न जी7 शिखर सम्मेलन में रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर अगर भारत की आलोचना होती है तब नयी दिल्ली का क्या रूख होगा । उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की खरीद के लिए भारत की व्यापारिक व्यवस्था ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित होती है ।

क्वात्रा ने कहा कि कच्चे तेल की खरीद के लिए भारत का रूख विश्व समुदाय द्वारा बहुत अच्छी तरह से समझा गया है। जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26-27 जून को जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शोल्स एल्माउ जायेंगे। सम्मेलन के दौरान यूक्रेन संघर्ष, हिन्द प्रशांत क्षेत्र की स्थिति, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु सहित महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी 28 जून को संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर जायेंगे जहां वह यूएई के पूर्व राष्ट्रपति एवं अबू धाबी के शासक रहे शेख खलीफा बिन जायेद अल नाह्यान को व्यक्तिगत रूप से श्रद्धांजलि देंगे। नाहयान का निधन कुछ ही समय पहले हुआ था।

क्वात्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री इस दौरान यूएई के नये राष्ट्रपति एवं अबू धाबी का शासक चुने जाने पर शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाह्यान को बधाई भी देंगे। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) इसी वर्ष हुआ है और दोनों देश अपने सामरिक गठजोड़ को और मजबूत बनाने को आशान्वित हैं। यह पूछे जाने पर क्या प्रधानमंत्री मोदी की यूएई की यात्रा के दौरान पैगम्बर को लेकर विवादास्पद टिप्पणी का मुद्दा भी उठेगा, क्वात्रा ने कहा कि जहां तक विवादास्पद मुद्दों का सवाल है, खाड़ी क्षेत्र के लगभग सभी देशों को यह स्पष्ट समझ है कि भारत का इस मुद्दे पर क्या रूख है। उन्होंने कहा कि इस बारे में कई मंचों पर सरकार के रूख को स्पष्ट भी किया गया है और ऐसे में उन्हें नहीं लगता कि इस मुद्दे पर अलग से कोई बात होगी।

विदेश सचिव ने कहा कि यह स्वाभाविक है कि जब दो देशों के नेता मिलते हैं तब द्विपक्षीय मुद्दों पर बात होती है। और इस यात्रा के दौरान क्या बात होगी, इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। क्वात्रा ने कहा कि भारत और यूएई के संबंध मजबूत, विविधतापूर्ण और व्यापक रहे हैं तथा दोनों देशों के बीच ऊर्जा एवं ऊर्जा सुरक्षा का विषय महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा रक्षा, सुरक्षा, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, वाणिज्य, निवेश, लोगों के बीच सम्पर्क, संस्कृति जैसे विषयों पर भी चर्चा हो सकती है। विदेश सचिव ने कहा कि जब दोनों नेता मिलेंगे (मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाह्यान) दोनों देशों के बीच सहयोग को कैसे नयी ऊंचाइयों तक ले जाया जाये, इस पर निश्चित रूप से बातचीत हो सकती है।


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Content Writer

Yaspal

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