प्राकृतिक गैस की कीमत की अधिकतम सीमा बढ़ी, CNG-PNG से लेकर बिजली और खाद पर पड़ सकता है असर

punjabkesari.in Sunday, Oct 04, 2026 - 08:44 PM (IST)

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने मुश्किल और गहरे समुद्री क्षेत्रों से निकलने वाली प्राकृतिक गैस की अधिकतम कीमत बढ़ा दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, गहरे पानी, अति गहरे पानी और हाई प्रेशर-हाई टेंपरेचर (HPHT) वाले क्षेत्रों से उत्पादित गैस की अधिकतम कीमत अब 8.90 डॉलर से बढ़कर 9.89 डॉलर प्रति MMBtu हो गई है। नई कीमत 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई है और 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी।

भारतीय मुद्रा में देखें तो गैस की कीमत करीब 930 रुपये से बढ़कर 1,030 रुपये प्रति MMBtu के आसपास हो गई है। प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल CNG और PNG के अलावा बिजली उत्पादन तथा उर्वरक बनाने में बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में गैस की कीमत में इस बदलाव का असर आने वाले समय में इन क्षेत्रों पर पड़ सकता है।

क्यों बढ़ाई गई गैस की कीमत?

सरकार का यह बदलाव उन गैस क्षेत्रों के लिए है, जहां प्राकृतिक गैस निकालने में सामान्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक लागत आती है। गहरे समुद्र, अति गहरे समुद्र और हाई प्रेशर-हाई टेंपरेचर वाले क्षेत्रों में गैस उत्पादन की लागत ज्यादा होती है। अधिकतम कीमत बढ़ने से इन मुश्किल क्षेत्रों से गैस निकालने वाली कंपनियों को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है। कृष्णा-गोदावरी बेसिन के KG-D6 जैसे ब्लॉक भी इस मूल्य व्यवस्था के दायरे में आते हैं।

CNG और PNG पर क्या होगा असर?

प्राकृतिक गैस शहरों में CNG और PNG की सप्लाई का प्रमुख आधार है। इसके अलावा इसका इस्तेमाल बिजली उत्पादन और उर्वरक उद्योग में कच्चे माल के तौर पर किया जाता है। इसलिए गैस की अधिकतम कीमत बढ़ने से इन क्षेत्रों की लागत पर असर पड़ सकता है। हालांकि, गैस की अधिकतम कीमत बढ़ने का यह मतलब नहीं है कि CNG और PNG के दाम भी तुरंत और उसी अनुपात में बढ़ जाएंगे। इनकी कीमतों पर गैस की लागत के अलावा कई अन्य कारकों का भी असर पड़ता है।

किन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर?

प्राकृतिक गैस की कीमत में बदलाव का असर मुख्य रूप से इन क्षेत्रों पर पड़ सकता है:

  • CNG और PNG की सप्लाई
  • उर्वरक उत्पादन
  • बिजली उत्पादन
  • शहरी गैस वितरण
  • प्राकृतिक गैस के नए क्षेत्रों में निवेश

कंपनियों को मिल सकता है निवेश का प्रोत्साहन

गहरे और मुश्किल समुद्री क्षेत्रों में गैस उत्पादन के लिए कंपनियों को अधिक लागत और तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अधिकतम कीमत बढ़ाए जाने से इन क्षेत्रों में गैस उत्पादन और नए निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे आने वाले समय में घरेलू प्राकृतिक गैस उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।


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News Editor

Parveen Kumar

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