EPFO Update: पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर! EPFO ने हटाई सैलरी लिमिट, जानें किन कर्मचारियों की बढ़ेगी मंथली इनकम?
punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 02:54 PM (IST)
नेशनल डेस्क: EPFO ने एक गुड न्यूज दी है। यह खबर उन कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत दी है जो लंबे समय से पेंशन के नियमों को लेकर भ्रम की स्थिति में थे। विभाग ने एक पुरानी सुविधा को पुनर्जीवित करने का फैसला किया है, जिससे रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि में इजाफा हो सकता है।
क्या था 2014 का बदलाव और सैलरी लिमिट का कैलकुलेशन?
सितंबर 2014 से पहले कर्मचारियों के पास अपनी पूरी सैलरी के आधार पर पेंशन योगदान बढ़ाने का मौका था। लेकिन बाद में सरकार ने पेंशन के लिए अधिकतम वेतन की सीमा 15,000 रुपये तय कर दी। इस नियम के कारण भले ही किसी कर्मचारी का मूल वेतन 50,000 रुपये हो, उसकी पेंशन की गणना केवल 15,000 रुपये पर ही की जाती थी। इसके चलते अधिकतम मासिक पेंशन 7,500 रुपये पर ही सिमट कर रह गई थी। 2014 के बाद जुड़ने वाले कर्मचारियों के लिए अपने वास्तविक वेतन पर पेंशन अंशदान का विकल्प बंद कर दिया गया था।

वर्तमान में कैसे होता है पीएफ का बंटवारा?
मौजूदा व्यवस्था के तहत कर्मचारी और कंपनी दोनों मूल वेतन का 12-12% हिस्सा भविष्य निधि में जमा करते हैं। नियोक्ता (कंपनी) के इस 12% हिस्से में से 8.33% पैसा पेंशन फंड (EPS) में जाता है, जबकि शेष 3.67% पीएफ खाते में जमा होता है। यही ईपीएस का पैसा रिटायरमेंट के बाद मासिक आय का जरिया बनता है।

किसे मिलेगा इस राहत का फायदा?
यह साफ करना जरूरी है कि यह सुविधा सभी के लिए नहीं है। सरकार के अनुसार, इस बहाली का लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा जिन्होंने 1 सितंबर 2014 को हुए नियमों में बदलाव से पहले 'हायर पेंशन' का विकल्प चुना था। अधिकारियों का कहना है कि यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि पुराने प्रावधान को फिर से सक्रिय किया गया है ताकि 2014 के बाद से चली आ रही कानूनी और तकनीकी उलझनों को खत्म किया जा सके।
