म्यांमार में भूकंप से मचा कोहराम, 694 मौतें, 1670 घायल, अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके... 10 बड़े अपडेट्स
punjabkesari.in Saturday, Mar 29, 2025 - 09:58 AM (IST)

नेशनल डेस्क: म्यांमार में शुक्रवार रात को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने व्यापक तबाही मचाई, जिसके बाद लगातार झटके महसूस हो रहे हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, म्यांमार में शुक्रवार रात 11:56 बजे (स्थानीय समय के अनुसार) रिक्टर स्केल पर 4.2 तीव्रता का एक और भूकंप आया। इस भूकंप के बाद भी अन्य झटके आने की आशंका जताई गई है, जिससे स्थानीय लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल है।
अफगानिस्तान में भूकंप के झटके
म्यांमार में भूकंप के एक दिन बाद शनिवार सुबह 5:16 बजे अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। अफगानिस्तान में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.7 मापी गई थी, जबकि यह जमीन से 180 किलोमीटर की गहराई में आया था। हालांकि, इस भूकंप के कारण किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं आई है। यह भूकंप म्यांमार और थाईलैंड में आए शक्तिशाली भूकंप के एक दिन बाद आया, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए और बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ।
म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के कारण हुई भारी तबाही
1. भूकंप की तीव्रता और प्रभाव
म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार को आए क्रमशः 7.7 और 7.2 तीव्रता के भूकंपों ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। म्यांमार में भूकंप के कारण 694 लोग मारे गए और 1670 लोग घायल हो गए हैं। दोनों देशों में कई इमारतें, पुल, सड़कें और बौद्ध मठ नष्ट हो गए हैं। म्यांमार के शहर मांडले और थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भारी नुकसान हुआ है।
2. म्यांमार में मारे गए लोग और प्रभावित क्षेत्र
म्यांमार के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भूकंप में 694 लोग मारे गए हैं, जबकि 1670 लोग घायल हुए हैं। म्यांमार के मांडले शहर में कई इमारतें ढह गईं, जिनमें से एक प्रमुख बौद्ध मठ भी शामिल था। भूकंप के कारण राजधानी नेपीडॉ और अन्य प्रमुख शहरों में भी नुकसान हुआ है, जहां बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
3. थाईलैंड में नुकसान
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी भूकंप के कारण कई निर्माणाधीन इमारतें ढह गईं। इन इमारतों के ढहने से 10 लोग मारे गए, 16 लोग घायल हुए और 101 लोग लापता हो गए। बैंकॉक में इमारतों को भूकंप के झटकों को सहने के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया था, जिससे इन इमारतों को गंभीर नुकसान हुआ।
4. म्यांमार में राहत कार्यों की चुनौतियाँ
म्यांमार में राहत कार्यों में काफी कठिनाई आ रही है, क्योंकि यह देश पहले से ही गृहयुद्ध की स्थिति में है। म्यांमार की सैन्य सरकार ने भूकंप में मृतकों और घायलों की संख्या में वृद्धि की आशंका जताई है। म्यांमार की सरकार ने अब अंतरराष्ट्रीय मदद की मांग की है और राहत सामग्री स्वीकार करने की घोषणा की है।
5. भारत की सहायता
भारत ने म्यांमार के लिए 15 टन राहत सामग्री भेजी है। भारतीय वायुसेना का सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से राहत सामग्री लेकर म्यांमार के लिए रवाना हुआ। इसमें टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, खाद्य सामग्री, वाटर प्यूरीफायर, सैनिटेशन किट, सोलर लैंप, जनरेटर सेट, और आवश्यक दवाइयाँ शामिल हैं। भारत की मदद म्यांमार के प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को तेज करने में सहायक साबित हो रही है।
6. संयुक्त राष्ट्र की मदद
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने म्यांमार के लिए 5 मिलियन डॉलर की राहत राशि की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में संसाधन जुटाने और राहत कार्यों में मदद कर रही हैं। गुटेरेस ने यह भी कहा कि म्यांमार सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहायता की मांग की है और संयुक्त राष्ट्र की टीम उन्हें समर्थन देने के लिए क्षेत्र में सक्रिय है।
7. भूकंप के बाद राहत कार्यों में और चुनौतियाँ
म्यांमार में भूकंप के बाद टूटी-फूटी सड़कों, ढह चुके पुलों और नष्ट हुए बांधों के कारण राहत दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। इसके बावजूद, इंटरनेशनल रेस्क्यू कमिटी के म्यांमार निदेशक मोहम्मद रियास ने बताया कि राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) भी आपातकालीन चिकित्सा सहायता जुटाने में जुटी हुई है।
8. भूकंप के बारे में ऐतिहासिक जानकारी
म्यांमार में भूकंप आना कोई नई बात नहीं है, क्योंकि यह क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है। 1930 से 1956 के बीच सागाइंग फॉल्ट के पास 7.0 तीव्रता के छह शक्तिशाली भूकंप आए थे। थाईलैंड में भूकंप काफी दुर्लभ होते हैं, और यहां के भवन भूकंपीय झटकों को सहन करने के लिए डिज़ाइन नहीं किए गए होते हैं, जिससे नुकसान होता है।
9. म्यांमार में गृहयुद्ध और उसकी जटिलताएँ
म्यांमार में 2021 से सैन्य शासन के कारण गृहयुद्ध की स्थिति बनी हुई है। सेना और लोकतंत्र समर्थक मिलिशिया के बीच संघर्ष जारी है, जिसके कारण कई क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। म्यांमार में 3 मिलियन से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं और लगभग 20 मिलियन लोग मानवीय सहायता के मोहताज हैं।
10. अंतरराष्ट्रीय समर्थन और भविष्य की स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी म्यांमार को मदद देने का संकल्प लिया है और राहत कार्यों में सहयोग का वादा किया है। राहत कार्यों को गति देने और प्रभावितों को तत्काल मदद प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं। म्यांमार में शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई, जिसमें 694 लोगों की मौत और 1670 लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद लगातार झटके महसूस हो रहे हैं। भारत ने म्यांमार को राहत सामग्री भेजी है, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने सहायता राशि प्रदान की है।