Iran Attack On Dubai: ईरानी हमलों के बाद बदला दुबई का नज़ारा, सैटेलाइट इमेज ने दुनिया को चौंकाया
punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 09:53 AM (IST)
Iran Attack On Dubai: कल तक जो दुबई अपनी गगनचुंबी इमारतों और जगमगाती सड़कों के लिए दुनिया भर के पर्यटकों की पहली पसंद था, आज वहां खौफ का सन्नाटा पसरा है। मिडिल ईस्ट में दशकों से सुरक्षित ठिकाना माने जाने वाले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की तस्वीर हफ्ते भर के भीतर पूरी तरह बदल चुकी है। 1 मार्च को सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। इन तस्वीरों में आलीशान होटलों और बिजनेस हब के ऊपर काले धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता है, जो इस बात की तस्दीक कर रहा है कि युद्ध की आग अब सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों तक भी पहुंच चुकी है।
आसमान से बरसीं मिसाइलें: ड्रोन हमलों से दहल उठा शहर
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ी इस जंग का सबसे खौफनाक मंजर तब दिखा जब ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों की ओर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें दाग दीं। हालांकि, दुबई के अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अधिकांश हमलों को आसमान में ही ध्वस्त कर दिया, लेकिन मिसाइलों के मलबे ने शहर को जख्म दिए हैं। बुर्ज अल अरब होटल और पाम जुमेराह जैसे दुनिया के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित इलाकों के पास मिसाइलों के अवशेष गिरने से भारी नुकसान की खबरें हैं। चश्मदीदों के मुताबिक, रात के अंधेरे में इंटरसेप्टर मिसाइलों की रोशनी और धमाकों की गूंज ने पूरे शहर को दशहत में डाल दिया।
अफवाहों पर लगाम और 'वर्क फ्रॉम होम' के आदेश
युद्ध के इस माहौल में सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों को लेकर दुबई प्रशासन बेहद सख्त है। दुबई मीडिया कार्यालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पुरानी आगजनी की वीडियो या फर्जी खबरें शेयर करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात के मानव संसाधन मंत्रालय ने निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को मंगलवार तक 'वर्क फ्रॉम होम' यानी घर से काम करने की सलाह दी है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और पूरा शहर एक अनिश्चित शांति के दौर से गुजर रहा है।
क्यों भड़की यह आग? खामेनेई की मौत और ईरान का प्रतिशोध
इस पूरे तनाव की जड़ में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किया गया वह घातक हमला है, जिसने पूरी दुनिया के समीकरण बदल दिए। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई। इस घटना के बाद ईरान ने 'भयानक बदले' की कसम खाई और अपना निशाना उन खाड़ी देशों को बनाया जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। चूंकि दुबई और आसपास के इलाकों में अमेरिकी उपस्थिति रही है, इसलिए यह वैश्विक व्यापारिक केंद्र अब सीधे तौर पर युद्ध की चपेट में आता दिख रहा है।
