Strongest Currency In World: डॉलर नहीं, ये है दुनिया की सबसे ताकतवर करेंसी! जानें नंबर-1 पर कौन?

punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 11:19 AM (IST)

Strongest Currency In World : जब भी हम अंतरराष्ट्रीय व्यापार या अमीरी की बात करते हैं तो हमारे दिमाग में सबसे पहले अमेरिकी डॉलर ($) की तस्वीर आती है। फिल्मों से लेकर शेयर बाजार तक डॉलर का ही बोलबाला है लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में ऐसी कई मुद्राएं (Currencies) हैं जिनके सामने डॉलर की कीमत काफी कम है? आज हम आपको दुनिया की उन करेंसी के बारे में बताएंगे जिनकी एक यूनिट की वैल्यू डॉलर से कहीं ज्यादा है।

करेंसी की वैल्यू और ताकत के बीच का अंतर

अक्सर लोग मानते हैं कि जिस देश की मुद्रा महंगी है वही सबसे अमीर है लेकिन हकीकत में करेंसी की वैल्यू कई कारकों पर निर्भर करती है। देश के पास कितना गोल्ड या डॉलर जमा है। तेल, गैस और खनिजों की प्रचुरता।जब सरकार बाजार में अपनी करेंसी कम रखती है, तो उसकी कीमत बढ़ जाती है। देश में वस्तुओं की कीमतें कितनी स्थिर हैं।

कुवैती दिनार (KWD): दुनिया का असली राजा

दुनिया की सबसे महंगी मुद्रा का खिताब सालों से कुवैती दिनार के पास है। एक कुवैती दिनार की कीमत भारतीय रुपये में लगभग ₹290 से ज्यादा है। कुवैत के पास तेल का विशाल भंडार है और वहां की सरकार ने अपनी मुद्रा की सप्लाई को बहुत नियंत्रित रखा है।

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खाड़ी देशों का दबदबा: बहरीन और ओमान

कुवैत के बाद सूची में बहरीन और ओमान का नाम आता है। इसकी कीमत भारतीय रुपये में करीब ₹230 से ऊपर रहती है। यह करेंसी डॉलर से जुड़ी (Pegged) है, जिससे इसमें उतार-चढ़ाव कम होता है। इसकी कीमत करीब ₹235 से ₹240 के बीच रहती है। तेल निर्यात के कारण इसकी वैश्विक मांग बहुत मजबूत है।

जॉर्डन, ब्रिटेन और यूरोप की मुद्राएं

यह डॉलर से भी मजबूत है और इसकी कीमत करीब ₹125 के पार रहती है। दुनिया की सबसे पुरानी और भरोसेमंद मुद्राओं में से एक। एक पाउंड की कीमत करीब ₹120 रहती है। लंदन का ग्लोबल फाइनेंशियल सेंटर होना इसे मजबूती देता है। यूरोप के कई देशों की साझा मुद्रा। भले ही यह डॉलर के करीब दिखती हो लेकिन इसकी एक यूनिट हमेशा डॉलर से महंगी रहती है।

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स्विस फ्रैंक: सुरक्षा की गारंटी

स्विट्जरलैंड की करेंसी स्विस फ्रैंक (CHF) को दुनिया की सबसे सुरक्षित मुद्रा माना जाता है। वहां की मजबूत बैंकिंग प्रणाली और राजनीतिक स्थिरता की वजह से संकट के समय निवेशक इसी पर भरोसा करते हैं। इसकी कीमत करीब ₹110 के आसपास रहती है।

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डॉलर फिर भी सुपरपावर क्यों है?

अब सवाल उठता है कि अगर डॉलर कीमत में पीछे है तो वह सबसे ताकतवर क्यों माना जाता है?

  • ग्लोबल ट्रेड: दुनिया का 80% से ज्यादा व्यापार डॉलर में होता है।

  • रिजर्व करेंसी: दुनिया के ज्यादातर केंद्रीय बैंकों में डॉलर ही रिजर्व के रूप में रखा जाता है।

  • स्वीकार्यता: कुवैती दिनार भले ही महंगा हो, लेकिन आप उसे दुनिया के हर कोने में आसानी से नहीं चला सकते जबकि डॉलर हर जगह स्वीकार्य है।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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