Currency in Circulation: डिजिटल पेमेंट्स की रफ्तार तेज, लेकिन कैश का क्रेज बरकरार, 40 लाख करोड़ की नकदी का नया रिकॉर्ड

punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 01:52 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः देश में डिजिटल भुगतान तेज़ी से बढ़ रहा है लेकिन नकदी का चलन भी मजबूत बना हुआ है। State Bank of India की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, करेंसी इन सर्कुलेशन (CiC) यानी बाजार में मौजूद कुल नकदी का मूल्य लगभग 40 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में दर्ज हुई है जब UPI और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नकदी की मांग बढ़ने के पीछे कई संरचनात्मक और व्यवहारिक कारण हैं।

GST नोटिस के बाद बदला ट्रेंड

रिसर्च के अनुसार, कुछ राज्यों में जीएसटी नोटिस के बाद छोटे व्यापारियों के बीच नकद लेनदेन की ओर झुकाव बढ़ा है। उदाहरण के तौर पर जुलाई 2025 में कर्नाटक के करीब 18,000 छोटे कारोबारियों को UPI ट्रांजैक्शन के आधार पर जीएसटी नोटिस भेजे गए थे। इसके बाद संबंधित क्षेत्रों में औसतन हर महीने लगभग 37 करोड़ रुपए की अतिरिक्त नकदी निकासी दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि कुछ व्यापारी डिजिटल ट्रेल से बचने के लिए कैश को प्राथमिकता दे रहे हैं।

ब्याज दरें और ग्रामीण खपत

रिपोर्ट में मनी डिमांड मॉडल के जरिए यह भी बताया गया है कि केवल डिजिटल भुगतान का विस्तार ही नकदी की मांग तय नहीं करता। ब्याज दरों में कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में खपत बढ़ने से भी बाजार में नकदी की जरूरत बढ़ी है यानी डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ने के बावजूद नकद लेनदेन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

छोटे नोटों की मांग बढ़ी

रिपोर्ट के मुताबिक 100, 200 और 500 रुपए के नोटों का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। मार्च 2025 तक 500 रुपए के नोटों की हिस्सेदारी 86% तक पहुंच गई। Reserve Bank of India ने भी बैंकों को एटीएम में 100 और 200 रुपए के नोटों की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि छोटे मूल्य के लेनदेन में सुविधा बनी रहे।

कुल मिलाकर, डिजिटल भुगतान के विस्तार के बावजूद भारत में नकदी की अहमियत बरकरार है। आर्थिक परिस्थितियां, नियामकीय कदम और उपभोक्ता व्यवहार—तीनों मिलकर नकदी और डिजिटल माध्यमों के बीच संतुलन बना रहे हैं।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

jyoti choudhary

Related News