रामलीला मैदान में 1 नवंबर को जुटेगा विपक्ष, ध्रुव राठी ने कहा- मतभेद छोड़ लोकतंत्र बचाने के लिए आएं
punjabkesari.in Friday, Oct 30, 2026 - 10:34 PM (IST)
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित होने जा रहा है। कांग्रेस के नेतृत्व में आयोजित होने वाली इस इंडिया ब्लॉक रैली को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस बीच प्रसिद्ध यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी इस रैली के समर्थन में हुंकार भरी है और देश की जनता से बड़ी संख्या में रामलीला मैदान पहुंचने की अपील की है।
सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर रैली में पहुंचने का किया आह्वान
यूट्यूबर ध्रुव राठी ने शुक्रवार (30 अक्टूबर, 2026) की रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक वीडियो पोस्ट शेयर कर कांग्रेस की इस रैली को अपना समर्थन दिया। उन्होंने अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अगला विरोध प्रदर्शन 1 नवंबर को होने वाला है और लोगों को भारी संख्या में पहुंचकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
Next Protest against Gyanesh Kumar: 1st November Make sure to participate in large numbers! Jai Hind 🇮🇳 https://t.co/52NQGtr0mC
— Dhruv Rathee (@dhruv_rathee) October 30, 2026
'रैली के लिए मिली है जरूरी अनुमति, चिंता की कोई बात नहीं'
अपने वीडियो संदेश में ध्रुव राठी ने कहा कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाले इस प्रदर्शन का आयोजन कांग्रेस कर रही है और इसके लिए आवश्यक अनुमति भी मिल चुकी है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे जितने अधिक लोगों को साथ लेकर आ सकते हैं, एक साथ इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हों, क्योंकि यह लड़ाई देश के लोकतंत्र को बचाने की है।
'कांग्रेस से मतभेद हो सकते हैं, लेकिन लोकतंत्र बचाना सबसे जरूरी'
विपक्षी दलों और कांग्रेस के प्रति अपने रुख को स्पष्ट करते हुए ध्रुव राठी ने कहा कि कांग्रेस से विचारों में मतभेद या असहमतियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा, "मेरी भी कांग्रेस से असहमतियां हैं और आपकी भी हो सकती हैं, लेकिन इन छोटी-मोटी चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर देश में लोकतंत्र ही नहीं बचेगा, तो किसी भी पार्टी का समर्थन करने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हमें देश को डिक्टेटरशिप बनने से बचाना है"।
