Bomb Threat Email: दिल्ली सचिवालय, विधानसभा, लाल किला और दो स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, खालिस्तानी ग्रुप के नाम से आया ई-मेल
punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 02:28 PM (IST)
नई दिल्ली: दिल्ली सचिवालय, दिल्ली विधानसभा, लाल किला और राष्ट्रीय राजधानी के दो स्कूलों सहित कई संस्थानों को सोमवार को ईमेल के माध्यम से बम की धमकी मिली, जिसे बाद में 'फर्जी' घोषित कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि दिल्ली सचिवालय, धौला कुआं स्थित दिल्ली आर्मी पब्लिक स्कूल और लोधी रोड स्थित एयरफोर्स बाल भारती स्कूल को बम की धमकी मिली है।
इसके अलावा, दिल्ली विधानसभा और उसके अध्यक्ष की आधिकारिक Email आईडी पर सुबह आठ बजे धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए। विधानसभा सूत्रों के अनुसार, इस ईमेल में दावा किया गया था कि दोपहर 1:11 बजे दिल्ली आर्मी पब्लिक स्कूल, दोपहर 3:11 बजे विधानसभा और सुबह 9:11 बजे लाल किले में विस्फोट होगा। यह ईमेल खालिस्तान नेशनल आर्मी द्वारा भेजा गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद दोनों स्कूलों के प्रशासन ने सुबह ही अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी।
अधिकारी ने बताया, "दिल्ली सचिवालय और दो स्कूलों - धौला कुआं स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल और लोधी रोड स्थित एयर फोर्स बाल भारती स्कूल - को ईमेल के माध्यम से बम की धमकी मिली थी। एहतियात के तौर पर परिसर खाली करा दिए गए और गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, कुछ भी संदिग्ध न मिलने के कारण इस बम धमकी को फर्जी घोषित कर दिया गया है।"
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और पूर्व विधायक दिलीप के पांडे ने 'एक्स' पर कहा, "आज मुझे मेरी निजी Email आईडी पर बम से संबंधित धमकी मिली और चूंकि मामला जन सुरक्षा से संबंधित था, इसलिए मैंने ईमेल को तुरंत दिल्ली पुलिस को भेज दिया है।" सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते, श्वान दस्ते और दिल्ली अग्निशमन सेवा की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों और अन्य स्थानों के आसपास के इलाकों को सील कर दिया गया।
अधिकारी ने कहा, "हम यह पता लगा रहे हैं कि ईमेल कहां से भेजा गया है और आगे की जांच जारी है।" Email के स्रोत का पता लगाने और इसे भेजने वाले की पहचान करने के लिए साइबर प्रकोष्ठ को भी इस काम में लगाया गया है। तलाशी अभियान अब भी जारी है।
